आदेश के बाद भी सड़क अतिक्रमण मुक्त नहीं हुई

सिकटा : सरकार की ओर से पारदर्शिता बनाये रखने के लिए लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम मजाक बनकर रहा गया है. करीब एक वर्ष पूर्व सिकटा में सड़क अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध समाजसेवी मो. जावेद उर्फ पप्पू ने एक परिवाद दायर किया. सबसे बड़ी बात यह रही कि सूबे के मुख्यमंत्री ने वर्ष 2016 में इस […]

सिकटा : सरकार की ओर से पारदर्शिता बनाये रखने के लिए लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम मजाक बनकर रहा गया है. करीब एक वर्ष पूर्व सिकटा में सड़क अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध समाजसेवी मो. जावेद उर्फ पप्पू ने एक परिवाद दायर किया. सबसे बड़ी बात यह रही कि सूबे के मुख्यमंत्री ने वर्ष 2016 में इस प्राधिकार के कानून को लागू किया.

उसी दिन अतिक्रमण के खिलाफ लोक शिकायत निवारण में वाद संख्या 401110103111601282/2ए दायर किया गया. बावजूद अंचल प्रशासन की लापरवाही के कारण सिकटा की सड़कें अतिक्रमण मुक्त नहीं हो सकी. इसी इंतजार में एक वर्ष गुजर गया. थककर जावेद ने जिला लोक शिकायत निवारण का दरवाजा खटखटाया और परिवाद संख्या 401110103111601282/2ए दायर किया. वहां से 30 दिसंबर 17 को आदेश निर्गत किया गया कि 15 दिनों के अंदर सड़क के अतिक्रमण को मुक्त किया जाये.
बहरहाल सिकटा को अतिक्रमणमुक्त कारियों से मुक्त कराने के लिए अंचल प्रशासन की ओर से मजिस्ट्रेट और पुलिस तैनात नहीं होने के कारण मामला खटाई में है. हालांकि लोक शिकायत निवारण से निर्गत आदेश में पुन मजिस्ट्रेट और पुलिस की तैनाती का आदेश दिया गया है और 15 दिनों के अंदर अतिक्रमण हटाने का मोहलत दी गयी है. अब देखना है कि सूबे के सीएम की ओर से उद्घाटित यह अधिकार से लोगों को न्याय कितने दिनों में मिलता है.
15 दिनों के अंदर दिया गया था अतिक्रमण हटाने का आदेश
दूसरे बार दी गयी अतिक्रमण हटाने को मजिस्ट्रेट व पुलिस तैनाती का आदेश

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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