डीएम के निर्देश पर चिह्नित स्थानों पर 20 किलो लकड़ी उपलब्ध
अलाव का डीएम ने लिया जायजा, दिया निर्देश
दरभंगा : बढ़ती जा रही ठंड ने जनजीवन को पूरी तरह से बेपटरी कर दिया है. सुबह चार बजे बिस्तर छोड़नेवाले इन दिनों नौ बजे के बाद तक रजाई में ही दुबके रहते हैं. सबसे अधिक परेशानी में बच्चे व बूढे हैं. इनकी परेशानी शुक्रवार को भी जारी रही. जैसे-जैसे समय तिथि आगे बढ़ती जा रही है ठंड में इजाफा होता जा रहा है. शुक्रवार को पूरे दिन लोग इस कड़ाके की ठंड से परेशान रहे. दोपहर एक बजे के बाद हल्की धूप निकली, लेकिन इसके बाद कनकनी चरम पर पहुंच गयी. बंद कमरे में भी बदन ठिठुरता महसूस होता रहा.
इससे बचाव को लेकर डीएम डॉ चन्द्रशेखर प्रसाद सिंह के निर्देश पर नगर निगम प्रशासन ने शुक्रवार को नगर के विभिन्न चौक-चौरहों पर अलाव की व्यवस्था की. नगर निगम क्षेत्र में रिक्शा चालक, ठेला चालक व अन्य लोगों का आवागमन अधिक होता है और खुले में ठंड से प्रभावित हो रहे है. वैसे करीब दो दर्जन स्थानों को चिन्हित कर मेयर बैजयंती देवी खेड़िया, नगर आयुक्त नागेन्द्र कुमार सिंह व नगर अभियंता रतन किशोर वर्मा अपनी मौजूदगी में चिन्हित दर्जनों स्थान पर लकड़ी गिराकर अलाव जलवाया. शहर के मुख्य चौक-चौराहा पर 20-20 किलो लकड़ी अलाव के लिये दिया गया.
अलाव जलते ही ठंड से बचाव को लेकर चौक-चौराहे पर मौजूद रिक्शा, ठेला चालक सहित आसपास के दुकानदारों के साथ राहगीरों की भीड़ जमा हो गयी. लोगों ने इससे राहत महसूस की. इस दौरान वार्ड 10 के पार्षद अजय जालान, पूर्व पार्षद गौड़ीशंकर, यांत्रिक अभियंता प्रभात कुमार, जोन तीन के प्रभारी राम बाबू राय, सफाई अधिकदर्शक मनोज राम आदि मौजूद थे. वहीं अलाव जलाये गये स्थलों का भ्रमण डीएम श्री सिंह ने भी किया. बता दें कि बीते रविवार को अत्यधिक ठंड को देखते हुये निगम ने सभी वार्डों एवं दोनों रैन बसेरा में एक-एक क्विंटल लकड़ी अलाव के लिये उपलब्ध करवाया था.
यहां पर जला अलाव
दरभंगा के शिवधारा चौक, कादिराबाद चौक, कादिराबाद बस स्टैंड, बाघ मोड़, आयकर चौक, मिर्जापुर चौक, जेपी चौक, खानका चौक, नाका पांच, दोनार चौक, म्यूजियम गुमटी, रेलवे स्टेशन, दरभंगा टावर चौक, नीम चौक, शास्त्री चौक के अलावा लहेरियासराय स्टेशन, टावर चौक, बस स्टैंड, लोहिया चौक, स्वीट होम चौक, बेंता चौक, अल्लपट्टी चौक, डीएमसीएच, नाका छह, करमगंज चौक, दारूभट्टी चौक व जय प्रकाश चौक पर अलाव जलाया गया.
