शीतलहर . िठठुरन से आम जनजीवन बेहाल, हीटर व अलाव का सहारा ले रहे लोग
दरभंगा : ठंड व कुहासे ने जन-जीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर रख दिया है. जैसे-जैसे मकर संक्रांति का पर्व नजदीक आता जा रहा है, ठंड बढ़ती ही जा रही है. कैलेंडर की तिथि ऊपर की ओर बढ़ रही है और पारा नीचे की ओर लुढ़कता जा रहा है. मंगलवार को स्थिति और भी विकराल हो गयी. ठंड में और इजाफा हो गया. इसने शीतलहर के कारण अस्त-व्यस्त जनजीवन को और भी परेशान कर दिया. लोग घरों में ही दुबके रहे. बाजार में आवाजाही न के बराबर रही. रेलवे स्टेशन से लेकर बस स्टैंड तक सूनसान नजर आता रहा. लोग घरों से नहीं निकले. मजबूरन निकलने वाले भी जल्द से जल्द वापस घर की ओर लौटने के लिए बेताब नजर आते रहे.
कारोबार पर असर: मौसम के इस बदले मिजाज के कारण बाजार में सन्नाटा पसरा है. दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठान तो खोल रखे थे, लेकिन ग्राहकों की आवाजाही न के बराबर है. किराना दुकान व सब्जी मार्केट में भी अपेक्षाकृत कम लोग नजर आये. इक्का-दुक्का ग्राहक अगर पहुंचे अभी तो गर्म कपड़ों की खरीदारी के लिए ही आये. इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है. जेनरल स्टोर चलाने वाले संतोष शर्मा बताते हैं कि पिछले एक सप्ताह से कारोबार बुरी तरह प्रभावित है. बिक्री आधी से भी कम हो गयी है. वहीं दवा व्यवसायी एके शर्मा कहते हैं कि इस बीच में उनका कारोबार भी प्रभावित हुआ है. दैनिक उपयोग की सामग्री बेचनेवाले नवीन पोद्दार बताते हैं कि व्यवसाय में 70 प्रतिशत तक कमी आ गयी है. यही कारण है रात नौ बजे तक गुलजार रहनेवाले मार्केट में शाम के छह बजते ही दुकानों का शटर गिरने लगता है.
सूना पड़ा रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड
हाड़ कंपाने वाली ठंड के कारण रेलवे स्टेशन तथा बस स्टैंड भी सूना-सूना नजर आ रहा है. जिन जगहों पर खड़े होने तक की जगह नहीं मिलती थी वहां इक्का-दुक्का लोग ही दिख रहे हैं. कादिराबाद बस स्टैंड, लहेरियासराय बस स्टैंड, दरभंगा जंक्शन के समीप हनुमान मंदिर, दोनार आदि स्थानों पर गाड़ियां तो खड़ी हैं, लेकिन उसमें यात्रियों का टोटा नजर आ रहा है. अधिकांश गाड़ियां खाली चल रही हैं. दूसरी और यात्रियों से पटा रहनेवाले दरभंगा जंक्शन पर भी सन्नाटा पसरा नजर आ रहा है. यही हाल लहेरियासराय स्टेशन का भी है. 35 से 40 हजार जिस जंक्शन से यात्री दैनिक आवाजाही करते थे, वहां इन दिनों बमुश्किल 10 से 15 हजार यात्री पहुंच रहे हैं.
दैनिक मजदूरों को नहीं मिल रहा काम
यह मौसम फटेहाल जिंदगी बसर करने वाले गरीब तबकों के साथ रोज कमाने, खाने वालों पर प्राकृतिक आपदा के रूप टूट रहा है. अलाव नहीं जलने के कारण जहां गरीब की जान पर आफत आ गई है, वहीं रोज कमाने खाने वालों के घर में चूल्हा जलने पर संकट खड़ा हो गया है. कटहलबाड़ी में मजदूरी मिलने की आस में पहुंचे सारा मोहनपुर के उमेश यादव बताते हैं कि पिछले चार दिनों से यहां आ रहे हैं. पहले मनमाना मजदूरी डिमांड करने के बाद भी आराम से काम मिल जाता था, वहीं घंटों इंतजार के बाद भी इन दिनों काम नहीं मिल पा रहा है. घर में जमा अनाज खत्म होने की स्थिति में है. अब तो बच्चों का पेट भरना भी मुश्किल नजर आ रहा है. यही हाल बेला मोड़, दोनार, चट्टी चौक आदि पर काम की तलाश में पहुंचे मजदूरों का है.
सूनी पड़ीं शहर की सड़कें
ठंड का आलम यह है कि घर से बाहर तो दूर लोग बिस्तर से भी नीचे उतरने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे. पूरे दिन रजाई के नीचे भी लोग ठिठुरन महसूस करते रहे. इस कारण अधिकांश घरों में लोग अलाव जला कर सेंकते रहे. हीटर के सहारे ठंड से निजात की नाकाम कोशिश करते रहे. इस कारण सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा. लोगों की आवाजाही कम होने के कारण हमेशा जाम रहने वाला वीआईपी रोड व दरभंगा लहेरियासराय पथ खाली-खाली नजर आता रहा. जाम के स्पॉट कुख्यात दरभंगा जंक्शन, म्यूजियम गुमटी, दोनार, अललपट्टी, बेता, लहेरियासराय टावर आदि खाली नजर आया.
