लगने हैं 259 ट्रांसफॉर्मर व 288 किमी केबुल, पर काम शुरू नहीं

बिजली . सात उपकेंद्रों के 28 फीडरों का होना है क्षमता विस्तार दरभंगा : नगर क्षेत्र में बेहतर बिजली आपूर्ति को लेकर बनायी गयी योजना छह माह बाद भी जमीन पर नहीं उतर सकी है. उपभोक्ताओं को अबाध बिजली देने व संचरण लाइन की मजबूती को लेकर नगर में 259 अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर के साथ-साथ 28 […]

बिजली . सात उपकेंद्रों के 28 फीडरों का होना है क्षमता विस्तार

दरभंगा : नगर क्षेत्र में बेहतर बिजली आपूर्ति को लेकर बनायी गयी योजना छह माह बाद भी जमीन पर नहीं उतर सकी है. उपभोक्ताओं को अबाध बिजली देने व संचरण लाइन की मजबूती को लेकर नगर में 259 अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर के साथ-साथ 28 फीडर का विस्तार किया जाना है. इस क्रम में 288 किलोमीटर केबुल बिछाया जाना है. आइपीडीएस योजना के तहत इस्ट इंडिया कंपनी को यह काम सौंपा गया है. दो वर्ष में काम पूरा कर लिये जाने का लक्ष्य निर्धारित है. सर्वे का काम पूरा होने के बाद के जुलाई 2017 से इस पर काम शुरू किया जाना था. काम को दिखाने के लिए कंपनी ने कुछ संख्या में पोल आदि गिराया भी गया.
लेकिन छह माह बीतने के बाद भी विधिवत काम शुरू नहीं हो पाया है. नगर में दो उपकेंद्र का निर्माण भी होना है. अब-तक इसके लिए जमीन भी चिह्नित नहीं किया जा सका है. घनी आबादी वाले वैसे क्षेत्र जहां जगह की कमी के कारण मुहल्ले के अंदर ट्रांसफॉर्मर लगाना संभव नहीं है, वहां माेहल्ले के बाहरी भाग में उच्च क्षमता का ट्रांसफॉर्मर लगाया जायेगा.
लगाये जायेंगे 677 सीमेंट व रेल पोल: नये लाइन निर्माण को लेकर विभिन्न फीडरों में एयर बंच केबुल, अंडरग्राउंड व ओपेन कंडक्टर आदि किया जाएगा. साथ ही 288 सीमेंट पोल, 195 रेल पोल लगाया जायेगा. लंबी दूरी के लिए लगाये जाने वाले केबुल में सर्पोट के लिये सीमेंट के 378 पोल व 299 रेल पोल लगाये जायेंगे.
80- 90 करोड़ रुपये खर्च कर किया जायेगा विकास
सरकार ने संचरण व वितरण व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए जो योजना तैयार की है उस पर 80 से 90 करोड़ रुपये खर्च किये जायेंगे. आइपीडीएस योजना के तहत दो साल में कार्य को पूरा कर लेना है.
उर्दू व लक्ष्मीसागर में बनना है उपकेंद्र
रतनोपट्टी या मिल्लत कालेज के निकट एक उपकेंद्र का निर्माण किया जाना है. दूसरे उपकेंद्र के निर्माण को ले विभाग ने लक्ष्मीसागर स्थित पशुपालन विभाग की खाली जमीन को चिह्नित कर रखा है. जमीन देने को ले पशुपालन विभाग को करीब आठ माह पहले अनुरोध पत्र भी भेजा गया, पर कोई जवाब नहीं मिला है. भूमि खरीद को ले विभाग ने शहरी क्षेत्र में सरकारी दर से दो गुणा व ग्रामीण में चार गुणा दर निर्धारित कर रखा है.
इन क्षमताओं वाला
लगेगा ट्रांसफाॅर्मर
नगर में 63 केवीए का एक, 100 केवीए का 72, 200 केवीए का 81, 315 केवीए का 87, 500 केवीए का 30 अतिरिक्त ट्रांसफॉर्मर लगाया जायेगा. वर्तमान में नगर में विभिन्न क्षमता वाला 538 ट्रांसफॉर्मर काम कर रहा है.
उपकेंद्र निर्माण को लेकर मिल्लत कालेज/रत्नोपट्टी में भूमि चिह्नित नहीं किया जा सका है. लक्ष्मीसागर के पशुपालन विभाग की खाली जमीन के लिए संबंधित विभाग को पत्र भेजा गया था. 10-15 दिन में अनुमति मिलने की संभावना है. इस्ट इंडिया कपंनी को पर्याप्त सामान गिराकर, काम शुरू करने के लिए पत्र भेजा गया है.
कुंदन कुमार,
सहायक अभियंता सह सहायक प्रोजेक्ट अभियंता
इन उपकेंद्रों का किया जाना है क्षमता विस्तार
दरभंगा नगर व लहेरियासराय के सात उपकेंद्रों के 28 फीडरों का क्षमता विस्तार किया जाना है. नगर विद्युत कार्यालय के अरबन उपकेंद्र के गुल्लोवाड़ा फीडर, रामजानकी, दोनार, इमरजेंसी फीडर व एरिया बोर्ड उपकेंद्र के दरभंगा टावर, सीएम साइंस कॉलेज, स्टेशन रोड, इमरजेंसी फीडर एवं बेला उपकेंद्र के शिवधारा, कटहलवाड़ी, बेला इंडस्ट्रीयल एरिया, इमरजेंसी फीडर का क्षमता विस्तार होगा. वहीं दोनार उपकेंद्र के दोनार इंडस्ट्रीयल एरिया, लक्ष्मीसागर, आरएस टैंक, बहादुरपुर, रेडियो स्टेशन फीडर को विस्तारित किया जाना है. डीएमसीएच उपकेंद्र के फीडर नंबर एक से छह तक को भी इसमें शामिल किया गया है. साथ ही पंडासराय उपकेंद्र के रेलवे, बलभद्रपुर, इमरजेंसी व सामान्य फीडर, जेल उपकेंद्र के ग्रामीण व एकमी फीडर में ट्रांसफॉर्मर लगाने व केबुल आदि का काम होना है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >