Mukesh Kumar Akash Deep DSP: बिहार सरकार ने राज्य के दो स्टार क्रिकेटरों मुकेश कुमार और आकाश दीप को बड़ा सम्मान देने का फैसला लिया है. बिहार उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति (संशोधन) नियमावली, 2026 के तहत दोनों खिलाड़ियों को सीधे पुलिस उपाधीक्षक (DSP) पद पर नियुक्त करने की अनुशंसा की गई है. सामान्य प्रशासन विभाग के अवर सचिव सिद्धेश्वर चौधरी ने इस संबंध में गृह विभाग को प्रस्ताव भेज दिया है. चयन समिति ने भी दोनों खिलाड़ियों के नाम पर अपनी मंजूरी दे दी है.
पत्र में क्या बताया गया
सरकार द्वारा जारी पत्र में बताया गया है कि मुकेश कुमार ने चीन के हांगझोउ में आयोजित 19वें एशियन गेम्स में भारतीय क्रिकेट टीम के सदस्य के रूप में स्वर्ण पदक जीतने में योगदान दिया था. वहीं आकाश दीप भी एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने वर्ष 2025 में इंग्लैंड के खिलाफ खेली गई पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम का हिस्सा थे.
मुकेश कुमार का जन्म 12 अक्टूबर 1993 को हुआ था. वह गोपालगंज जिले के काकड़कुंड गांव के रहने वाले हैं और स्नातक तक की पढ़ाई कर चुके हैं. उनके पिता का नाम स्वर्गीय काशीनाथ सिंह है.
आकाश दीप का जन्म 15 फरवरी 1994 को हुआ था. वह रोहतास जिले के सासाराम के बड्डी गांव के रहने वाले हैं. उनके पिता का नाम रामजी सिंह है.
क्या-क्या लाभ मिलेगा
चयन समिति की सिफारिश के बाद दोनों खिलाड़ियों को गृह विभाग, बिहार, पटना आवंटित किया गया है. DSP पद पर नियुक्ति मिलने के बाद उन्हें 9300 से 34800 वेतनमान और 5400 ग्रेड पे के साथ वेतन स्तर-9 का लाभ मिलेगा. इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर दिए जाने वाले अन्य भत्ते भी मिलेंगे.
सरकार की ओर से जारी पत्र में नियुक्ति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण शर्तें भी रखी गई हैं. चरित्र और पूर्ववृत्त सत्यापन रिपोर्ट आने तक दोनों खिलाड़ियों की नियुक्ति शुरुआती छह महीने के लिए औपबंधिक रहेगी. सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नियुक्ति को नियमित किया जाएगा.
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Mukesh Kumar Akash Deep DSP: शर्त पूरा नहीं करने पर क्या होगा?
खेल कोटे के तहत नियुक्ति पाने वाले खिलाड़ियों को एक बांड भी भरना होगा. इसके अनुसार नौकरी ज्वाइन करने की तारीख से अगले पांच वर्षों तक उन्हें सक्रिय खिलाड़ी के रूप में खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेना होगा. यदि वे इस शर्त को पूरा नहीं करते हैं तो उनकी सेवा स्थायी नहीं की जाएगी.
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण ने दोनों खिलाड़ियों के खेल प्रमाण पत्रों का सत्यापन कर लिया है. हालांकि भविष्य में यदि कोई शैक्षणिक, आवासीय या खेल संबंधी दस्तावेज गलत या फर्जी पाया जाता है तो नियुक्ति तत्काल रद्द कर दी जाएगी और नियमानुसार कार्रवाई भी होगी.
नियमावली के अनुसार खेल कोटे से नियुक्ति के लिए बिहार का स्थायी निवासी होना जरूरी है. इसी कारण दोनों खिलाड़ियों के आवासीय प्रमाण पत्रों की भी विस्तृत जांच की जाएगी.
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