भागलपुर: स्वास्थ्य विभाग यह मान रहा है की कोरोना संक्रमण काल के बाद मानसिक रोगियों की संख्या बढ़ी है. मानसिक रोगी का मतलब मानसिक दबाव, टेंशन, अवसाद समेत अन्य बीमारियों से परेशान लोग. ऐसे लोगों की पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारी शुरू कर दर है. मुख्यालय से साइकोलॉजी से बीए पास 10 छात्रों को सदर अस्पताल जाकर ऐसे रोगी की काउंसेलिंग कर उनकी पहचान करनी है.
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बनेगा वार्ड
सिविल सर्जन डॉ उमेश शर्मा ने बताया कि मनोविज्ञान में बीए पास 10 छात्रों को मुख्यालय से भेजा गया है. इन सभी को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भेजा जायेगा. इनके लिए अलग से वार्ड बनाया जायेगा. इसमें ये मनोरोगी की पहचान करेंगे. इसके बाद इनका काउंसेलिंग की जायेगी. अगर काउंसेलिंग से ऐसे लोग ठीक हो जाते हैं तो उनको वहीं से वापस भेज दिया जायेगा. वहीं अगर इन छात्रों को लगा कि ऐसे लोगों को काउंसेलिंग के साथ साथ दवा की भी जरूरत है तो उनको चिकित्सक के पास भेजा जायेगा.
सभी छात्राें को दिया जायेगा प्रशिक्षण
सीएस ने बताया की मुख्यालय से आये सभी 10 छात्रों को सदर अस्पताल में 10 दिन का प्रशिक्षण दिया जायेगा. इसमें बताया जायेगा की कैसे मानसिक रोग से ग्रसित रोगी की पहचान करनी है. ऐसे मरीज से किस तरह का सवाल करना है. उनके साथ आप का क्या व्यवहार होगा. यह प्रशिक्षण जल्द ही आरंभ कर दिया जायेगा. सीएस ने कहा कि हमारे अस्पताल में पहले से मानसिक रोग के चिकित्सक हैं. उनसे इनको प्रशिक्षण दिलाया जायेगा.
मायागंज में पहले से वार्ड का संचालन
मानसिक रोगियों में मायागंज अस्पताल में पहले से वार्ड का संचालन हो रहा है. यहां रोजाना 50 मरीज आते हैं. ऐसे में जो लोग मामूली मानसिक परेशानी से गुजर रहे हैं वह यहां आने से कतराते हैं. ऐसे लोगों को इस सुविधा से लाभ मिलेगी.
