भागलपुर नगर निगम के रैन बसेरा की स्थिति बदहाल, खुले आसमान के नीचे रात काट रहे मजलूम

Bihar News: रैन बसेरा घंटाघर की पड़ताल में दिखा कि परिसर की हालत खंडहर जैसी हो गयी है. यहां पर दो लोग सोये हुए मिले. सोये हुए व्यक्ति के ठीक ऊपर छत का प्लास्टर टूटा हुआ पाया गया. वहीं छत से कंक्रीट के मलबे लटक रहे थे.

भागलपुर: शहर में बेसहारा भटक रहे लोगों व यात्रियों को रात में ठहरने के लिए नगर निगम के रैन बसेरा में सुविधाओं का घोर अभाव है. शनिवार रात को प्रभात खबर टीम ने भागलपुर रेलवे स्टेशन से सटे रैन बसेरा घंटाघर व कोतवाली चौक की पड़ताल की. रात साढ़े ग्यारह बजे रैन बसेरा कोतवाली चौक के मेन गेट पर ताला लटका हुआ मिला.दरवाजे के चारो ओर गंदगी पसरी हुई थी. परिसर की देखभाल के लिए कोई केयर टेकर भी नहीं दिखा.

कई दिनों से रैन बसेरा को नहीं खोला गया

आसपास के लोगों ने बताया कि कई दिनों से रैन बसेरा परिसर को खोला नहीं गया है. जबकि रेलवे स्टेशन परिसर में खुले आसमान के नीचे दर्जनों यात्री कंबल ओढ़कर लेटे हुए मिले. तमिलनाडु से आये यात्री संजीव साह ने बताया कि उन्हें मधेपुरा के आलमनगर जाना है. सुबह होने का इंतजार कर रहे हैं. पैसे के अभाव में वह होटल में नहीं रह सकते हैं. आसपास एक रैन बसेरा रहने की बात ऑटो चालकों ने बतायी. स्टेशन चौक से महज कुछ दूरी पर स्थित रैन बसेरा कोतवाली चौक जाने पर यात्रियों को गेट बंद मिला.

रैन बसेरा घंटाघर में पानी की व्यवस्था नहीं

रैन बसेरा घंटाघर की पड़ताल में दिखा कि परिसर की हालत खंडहर जैसी हो गयी है. यहां पर दो लोग सोये हुए मिले. सोये हुए व्यक्ति के ठीक ऊपर छत का प्लास्टर टूटा हुआ पाया गया. वहीं छत से कंक्रीट के मलबे लटक रहे थे. केयर टेकर मनोज ने बताया कि आये दिन लोगों पर छत का मलबा गिरता रहता है. रैन बसेरा में आने वाले लोगों के लिए पानी की व्यवस्था नहीं है. इससे सटकर बने शौचालय के प्रयोग के बाद लोगों को पानी की व्यवस्था बाहर से करनी पड़ रही है. रैन बसेरा के चादर व कंबल काफी गंदे पाये गये. यहां पर साफ सफाई की अच्छी व्यवस्था नहीं दिखी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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