CM Nitish Kumar: चंपारण की धरती से नीतीश कुमार की यात्रा का आगाज, जाने समृद्धि यात्रा का रूट प्लान
CM Nitish Kumar: चंपारण की धरती से एक बार फिर बिहार के विकास की नई कहानी लिखी जाएगी. हेलीकॉप्टर से उतरते ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सीधे योजनाओं, जनता और जवाबदेही के मैदान में होंगे, जहां घोषणाएं नहीं, बल्कि प्रगति का हिसाब लिया जाएगा.
CM Nitish Kumar: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार से अपनी 16वीं यात्रा ‘समृद्धि यात्रा’ पर निकल रहे हैं. पश्चिम चंपारण के कुमारबाग से इसकी औपचारिक शुरुआत होगी. यह यात्रा केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रगति यात्रा में की गई घोषणाओं और सात निश्चय योजनाओं की जमीनी सच्चाई परखने का बड़ा अभियान है.
पहले चरण में मुख्यमंत्री नौ जिलों का दौरा करेंगे और विकास की रफ्तार, योजनाओं की गुणवत्ता और प्रशासनिक जवाबदेही की सीधी समीक्षा करेंगे.
चंपारण से क्यों शुरू होती है हर बड़ी यात्रा
दिलचस्प है कि मुख्यमंत्री की अब तक की सभी प्रमुख यात्राओं की शुरुआत चंपारण से ही हुई है. 21 वर्षों के शासनकाल में यह उनकी 16वीं यात्रा है. बेतिया और आसपास के इलाके से विकास की नई दिशा तय करने की परंपरा सीएम लगातार निभाते आए हैं. इस बार भी चंपारण को 182 करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात देकर वे समृद्धि यात्रा की शुरुआत करेंगे, जिसमें 153 करोड़ की 125 योजनाओं का शिलान्यास और 29 करोड़ की 36 योजनाओं का उद्घाटन शामिल है.
बेतिया में दो घंटे, लेकिन एजेंडा बेहद बड़ा
मुख्यमंत्री शुक्रवार सुबह 11.30 बजे पटना से हेलीकॉप्टर द्वारा कुमारबाग औद्योगिक क्षेत्र पहुंचेंगे. वहां वर्धन कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट का निरीक्षण करेंगे और उद्योग विभाग से जुड़ी योजनाओं का शिलान्यास व उद्घाटन करेंगे. उद्यमियों से संवाद कर यह समझने की कोशिश होगी कि बिहार में उद्योगों को और कैसे गति दी जा सकती है.
इसके बाद वे 12.15 बजे बेतिया के बड़ा रमना मैदान पहुंचेंगे, जहां प्रगति यात्रा के दौरान की गई घोषणाओं की प्रगति का प्रस्तुतीकरण होगा. कृषि मेले और किसान मेला-सह-यांत्रिकीकरण प्रदर्शनी का उद्घाटन कर किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का संदेश देंगे. फिर जिलास्तरीय समीक्षा बैठक और उसके बाद आम लोगों से सीधा जनसंवाद होगा. करीब 15 हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था के साथ भव्य मंच और पंडाल तैयार किया गया है.
प्रगति यात्रा और सात निश्चय पर सीधी नजर
समृद्धि यात्रा का मूल उद्देश्य यह देखना है कि प्रगति यात्रा के दौरान किए गए वादे जमीन पर कितने पूरे हुए. साथ ही सात निश्चय-3 के तहत सरकार जिन बड़े लक्ष्यों की ओर बढ़ रही है, उनका रोडमैप भी इसी यात्रा से तय होगा. पांच साल में एक करोड़ नौकरियां और 50 लाख रोजगार देने का लक्ष्य, जीवन को आसान बनाने की नीति और सबका सम्मान जैसे संकल्पों को वास्तविक रूप देने में यह यात्रा अहम भूमिका निभाएगी.
नौ जिलों का दौरा, बदली तारीखों के साथ
पहले चरण में मुख्यमंत्री 16 जनवरी को बेतिया, 17 को पूर्वी चंपारण, 19 को सीतामढ़ी और शिवहर, 20 को गोपालगंज, 21 को सारण, 22 को सीवान, 23 को मुजफ्फरपुर और 24 को वैशाली पहुंचेंगे। पहले तय कार्यक्रम में हल्का संशोधन कर 21 और 22 जनवरी के जिलों की अदला-बदली की गई है.
जनता से सीधा संवाद, प्रशासन की सीधी जवाबदेही
समृद्धि यात्रा केवल योजनाओं के उद्घाटन तक सीमित नहीं है. यह प्रशासनिक जवाबदेही तय करने का मंच भी है. मुख्यमंत्री जिलों में जाकर अधिकारियों के साथ समीक्षा करेंगे, डीएम और एसपी समेत सभी आला अधिकारी मौजूद रहेंगे.
आम जनता से संवाद में जो भी समस्याएं सामने आएंगी, उन पर मौके पर ही निर्देश दिए जाएंगे. इससे सरकारी अमले पर सीधा दबाव बनेगा कि योजनाएं कागज से निकलकर जमीन पर दिखें.
विकास यात्रा की अगली कड़ी
अब तक की 15 यात्राओं के अनुभव से बिहार में सड़क, बिजली, पानी, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण और सुशासन जैसे क्षेत्रों में बड़े बदलाव आए हैं. समृद्धि यात्रा उसी विकास यात्रा की अगली कड़ी है, जिसमें रोजगार, उद्योग, डिजिटल सेवाएं और टिकाऊ विकास जैसे नए एजेंडे केंद्र में होंगे.
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