Valmikinagar Airport: पश्चिम चंपारण जिले के बगहा में भारत-नेपाल सीमा के पास वाल्मीकिनगर एयरपोर्ट के विस्तार को लेकर प्रशासन ने काम तेज कर दिया है. इस दिशा में गुरुवार को अधिकारियों की एक टीम हवाई अड्डे पहुंची और विस्तार काम में आ रही दिक्कतों की समीक्षा की. एडीएम राजीव रंजन सिन्हा के नेतृत्व में हुई इस इंस्पेक्शन के दौरान बताया गया कि एयरपोर्ट के रनवे को बढ़ाने और टर्मिनल बनाने के लिए मौजूदा जमीन काफी नहीं है. इसके लिए करीब 18 एकड़ एक्स्ट्रा जमीन की जरूरत पड़ेगी.
प्रशासन ने क्या बताया
प्रशासन के अनुसार इस जमीन में लगभग 12 एकड़ रैयती यानी निजी जमीन है, जबकि छह एकड़ सरकारी जमीन है. निजी जमीन के अधिग्रहण के लिए किसानों से सहमति लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. अगर जमीन मालिक सहमत होते हैं तो सरकार उन्हें एमवीआर के चार गुना तक मुआवजा देकर जमीन लेगी.
इसी मुद्दे को लेकर हवाई अड्डा परिसर में रैयती जमीन के मालिकों के साथ बैठक भी की गई. अधिकारियों ने उन्हें योजना के बारे में जानकारी दी और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया समझाई.
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आपात स्थिति में फाइटर जेट की हो सकेगी लैंडिंग
अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट के विस्तार के बाद यहां से 19 सीट वाले छोटे विमानों की उड़ान शुरू करने की योजना है. इसके साथ ही यह जगह इंटरनेशनल बॉर्डर के करीब होने के कारण एमरजेंसी सिचुएशन में फाइटर जेट की लैंडिंग की सुविधा भी विकसित की जाएगी.
गंडक बैराज के निर्माण के समय वाल्मीकिनगर में हवाई पट्टी बनाई गई थी, लेकिन अब तक यहां रेगुलर विमान सेवा शुरू नहीं हो पाई है. हाल ही में सम्राट चौधरी ने लगभग 38.64 करोड़ रुपये की लागत से एयरपोर्ट एक्सपेंशन के लिए विभागीय स्तर पर टेंडर जारी होने की जानकारी दी थी.
अब राज्य सरकार की इस कदम के बाद स्थानीय लोगों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही यहां फ्लाइट सर्विस शुरू होगी और इलाके का विकास होगा.
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