लड़की भागने मामले में दो लोगो ने एक दंपति से की मारपीट ,घायल अस्पताल में भर्ती

बगहा स्टेशन के गोदाम के पास दिल्ली से सपरिवार आ रहे पति, पत्नी को लड़की भगाने का आरोप लगाते हुए लोगों ने जमकर पीटा. पिटाई करने वाले बैग और नगद 80 हजार राशि भी लेकर चले गए.

चंद्रप्रकाश आर्य बगहा (बगहा) : गोरखपुर नरकटियागंज रेल खंड के बगहा स्टेशन के गोदाम के पास दिल्ली से सपरिवार आ रहे पति, पत्नी को लड़की भगाने का आरोप लगाते हुए लोगों ने जमकर पीटाई किया . इसके साथ ही बैग और नगद 80 हजार राशि भी छीन लिया. मारपीट में घायल को इलाज के लिए स्थानीय लोगों के सहयोग से अनुमंडलीय अस्पताल लाया गया। जहां चिकित्सक डॉ. अरूण कुमार यादव ने इलाज करने के साथ ही नगर थाना पुलिस को इसकी सूचना दी.

जानिए मामला

जख्मी नगर के वार्ड 24 निवासी मो. फजल का 26 वर्षीय पुत्र र्मो ईमरान इनकी 24 वर्षीय पत्नी हसीना खातून जो नेपाल की है उन्होंने बताया कि हम लोग दिल्ली से घर आ रहे थे . सत्याग्रह एक्सप्रेस से उतर कर जैसे ही गोदाम के पास आए दो लोग हमें घेर लिए और लड़की भगान का आरोप लगाते हुए मारपीट करने लगे . हम लोग बोले की तीन बच्चे है . हम लोग ऐसे नही हैं .

कुदाल से मारपीट करके बैग और 80 हजार की राशि छीन लिए

इसके बाद फोन करके दस बारह लोगों को बुलाया और रड, कुदाल से मारपीट करके बैग और 80 हजार की राशि छीन लिए . पत्नी ने वीडियो बनाने का प्रयास किया जो मोबाइल फोड़ दिया . इस दौरान मारपीट करने वालों का दो तीन फोटो भी खींचा गया . घायल ईमरान दिल्ली में एक्सल, शाकर का काम करता है . तीन माह बाद पैसे लेकर परिवार के साथ बगहा अपने घर आ रहा था . नगर थाना की पुलिस ने घायल का बयान दर्ज करते हुए जांच आरंभ कर दिया है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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