Madhu Koda, पश्चिमी सिंहभूम (संदीप की रिपोर्ट): झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने बुधवार को पश्चिमी सिंहभूम स्थित गुवा सेल खदान क्षेत्र के ‘जीरो प्वाइंट’ का दौरा कर आयरन ओर के स्टॉक और क्रशिंग कार्य का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने मौके पर मौजूद व्यवस्थाओं की समीक्षा की और ठेकेदारों व प्रबंधन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए. पूर्व सीएम ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में आयरन ओर की क्रशिंग को लेकर जो टेंडर हुए हैं, उनमें भारी भ्रष्टाचार और अनियमितता बरती जा रही है.
बिना काम किए भुगतान का संगीन आरोप
निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मधु कोड़ा ने कहा कि उन्हें विश्वस्त सूत्रों से सूचना मिली थी कि संबंधित ठेकेदार द्वारा आयरन ओर का क्रशिंग (पिसाई) किए बिना ही बिल पास करा लिए गए हैं. इसी सच्चाई को जानने के लिए वे खुद मौके पर पहुंचे. उन्होंने दावा किया कि मौके पर बड़ी मात्रा में आयरन ओर बिना क्रशिंग के ही जमा मिला. कोड़ा ने कहा, “यहां आयरन ओर का पहाड़ खड़ा है जिसे क्रश किया जाना था, लेकिन इसे छुए बिना ही कागजी खानापूर्ति कर भुगतान लेने की तैयारी है.”
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प्रधानमंत्री और इस्पात मंत्री तक पहुंचाएंगे मामला
मधु कोड़ा ने इस स्थिति को सरकारी संसाधनों का खुला दुरुपयोग बताते हुए मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. उन्होंने घोषणा की कि वे इस संभावित भ्रष्टाचार की पूरी जानकारी देते हुए केंद्रीय इस्पात मंत्री, इस्पात मंत्रालय के वरीय अधिकारियों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखेंगे. उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSU) में इस तरह की लूट बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
भ्रष्टाचार पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की चेतावनी
पूर्व मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि जांच में भ्रष्टाचार या लापरवाही के प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि खदानों से निकलने वाला खनिज देश की संपत्ति है और इसमें पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना प्रबंधन की जिम्मेदारी है.
स्थानीय राजनीति में मची खलबली
मधु कोड़ा के इस औचक निरीक्षण और कड़े रुख के बाद स्थानीय प्रशासन और सेल प्रबंधन के बीच खलबली मच गई है. माइनिंग बेल्ट के स्थानीय लोगों के बीच भी यह चर्चा का विषय बन गया है. लोगों का मानना है कि यदि पूर्व सीएम ने मोर्चा खोला है, तो आने वाले दिनों में गुवा खदान क्षेत्र में चल रहे कई अन्य टेंडरों की भी परतें खुल सकती हैं.
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