करोड़ों रुपए के राजस्व की वसूली, संसाधनों का टोटा

दुर्दशा.हाल जिला मुख्यालय के खनन विभाग के कार्यालय का छज्जा पर रखी गयीं फाइलें. कर्मचारी रूम . बेतिया : पश्चिम चंपारण जिला मुख्यालय के नया बाजार स्थित खनन विभाग प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये की राजस्व वसूली करता है. परंतु यहां संसाधनों की घोर कमी है. नाम बड़े और दर्शन छोटे के तर्ज पर इस विभाग का […]

दुर्दशा.हाल जिला मुख्यालय के खनन विभाग के कार्यालय का

छज्जा पर रखी गयीं फाइलें. कर्मचारी रूम .
बेतिया : पश्चिम चंपारण जिला मुख्यालय के नया बाजार स्थित खनन विभाग प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये की राजस्व वसूली करता है. परंतु यहां संसाधनों की घोर कमी है.
नाम बड़े और दर्शन छोटे के तर्ज पर इस विभाग का कार्यालय एक छोटे से तंग कमरे में येन-केन-प्रकारेण संचालित हो रहा है. जहां अभिलेख व कागजात रख-रखाव के लिए भी समुचित व्यवस्था नहीं है. विभागीय अभिलेख व कागजात किसी तरह से एक कमरे के कार्यालय के छज्जे में रखा गया है.
इसी तरह जिला खनिज विकास पदाधिकारी का कार्यालय कक्ष भी लकड़ी के दीवार बनाकर तैयार किया गया है. यह कार्यालय जिला खनिज विकास पदाधिकारी, एक लिपिक, एक ऑपरेटर तथा रात्रि प्रहरी के सहारे संचालित हो रहा है. जबकि यहां पदास्थापित जिला खनिज विकास पदाधिकारी प्रमोद कुमार पूर्वी चंपारण के मोतिहारी के प्रभार में भी हैं. जिला खान निरीक्षक का पद दशकों से खाली है. भारत-नेपाल और उत्तर प्रदेश सीमावर्ती क्षेत्रों तक भ्रमण के लिए विभाग के पास अपना वाहन भी नहीं है. भाड़े के वाहन के सहारे पूरे जिले का भ्रमण और राजस्व वसूली के लिए अभियान चलाना आसान नहीं है.
खान निरीक्षक का पद दशकों से खाली, महज लिपिक ऑपरेटर व रात्रि प्रहरी के भरोसे कार्यालय
लक्ष्य से ज्यादा हुई है नवंबर तक राजस्व वसूली
जिला खनन विभाग की समस्याओं से विभाग अवगत है. चालू वित्तीय वर्ष में नवंबर तक साठ फीसदी राजस्व वसूली हो चुकी है. अर्थात यह वसूली लक्ष्य से आगे चल रहा है. जो नवंबर तक पिछले वर्ष के लक्ष्य तुलना में ज्यादा है. इसी तरह चलाये गये अभियान के तहत करीब तीन दर्जन से ज्यादा वाहनों को पकड़ा गया है. नियम विरुद्ध कार्य करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गयी है. राजस्व वसूली के लिए बकायेदारों को लगातार नोटिस दी जा रही है.
प्रमोद कुमार, जिला खनिज विकास पदाधिकारी, पश्चिम चंपारण
परिजनों के प्रवेश पर लगाम को ले होगी वीडियोग्राफी
डीएम ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जारी किया निर्देश
पंचायत समिति की बैठक कल, विकास योजनाओं पर होगी बहस
मझौलिया : अब प्रखंड के पंचायत समिति की बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों के परिजनों के प्रवेश करना आसान नहीं होगा. स्थानीय प्रखंड के सभागार में 23 दिसंबर को पंचायत समिति की बैठक आयोजित की गयी है. प्रशासन ने पंचायत प्रतिनिधियों के पुत्र, पति अथवा प्रतिनिधियों के बैठक में प्रवेश पर लगाम के लिए बैठक की वीडियोग्राफी कराने का निर्णय लिया है. यह निर्णय डीएम की ओर से पूर्व में जारी निर्देश के आलोक में लिया गया है. इसका उल्लंघन करने वाले जनप्रतिनिधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी. यह जानकारी बीडीओ जितेंद्र राम ने दी. उन्होंने बताया कि पिछले 30 जुलाई को यहां आयोजित पंचायत समिति की बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों के परिजन प्रवेश कर गये थे. इसको गंभीरता से लेते हुए डीएम ने सदर एसडीएम को जांच के लिए आदेश जारी किया था. इस बीच मुखिया संघ के अध्यक्ष चंद्र किशोर सिंह ने बताया कि इस बैठक में विकास योजनाओं पर बहस की जायेगी.
लेकिन वीडियोग्राफी से स्थिति बदली-बदली होगी.

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