बैलगाड़ी की तरह चल रही हैं ज्यादातर ट्रेनें

कोहरे का असर . 17 घंटे तक की देरी से चल रहीं ट्रेनें, जननायक डाउन रद्द, यात्रियों की बढ़ी परेशानी दूरस्थ यात्री जमाये हैं 36 घंटे से डेरा मुजफ्फरपुर से छह घंटे में पहुंची इंटरसिटी बेतिया : ठंड का मौसम और ट्रेनों की देरी विलंब परिचालन यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनकर रह गया […]

कोहरे का असर . 17 घंटे तक की देरी से चल रहीं ट्रेनें, जननायक डाउन रद्द, यात्रियों की बढ़ी परेशानी

दूरस्थ यात्री जमाये हैं 36 घंटे से डेरा
मुजफ्फरपुर से छह घंटे में पहुंची इंटरसिटी
बेतिया : ठंड का मौसम और ट्रेनों की देरी विलंब परिचालन यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बनकर रह गया है. रोज सरकार हवाई जहाज से भी तेज गति की ट्रेनें चलाने की दावा कर रही हैं. लेकिन उत्तर बिहार की ट्रेनें वैज्ञानिक युग को झुठलाते बैलगाड़ी की गति में आ गयी हैं. आए दिन समय से चलने वाली ये ट्रेनें एक से 17 घंटे तक देरी से चल रही है़ं जिससे यात्रियों को यात्रा करने में काफी परेशानी हो रही है़
ठंड में यात्री स्टेशन पर कभी-कभी 36 घंटों बैठ कर ट्रेन आने का इंतजार कर रहे है़ रविवार को भी कई गाडियां घंटों की देरी से बेतिया रेलवे स्टेशन पर पहुंची. जिसमें आनंद बिहार से मुजफ्फरपुर जाने वाली सप्तक्राति अपने समय से 10 घंटे विलंब से, शनिवार की रात अमृतसर से दरभंगा जाने वाली जननायक एक्सप्रेस रद्द रही.
मुजफ्फरपुर से देहरादून जाने वाली देहरादून एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से छह घंटे की देरी से चल रही है. जबकि मुजफ्फरपुर से बांद्रा जाने वाली अवध एक्सप्रेस 12 घंटे की देरी से चलने को सूचित है. जम्मूतवी से गुवाहाटी जानेवाली अमरनाथ एक्सप्रेस 17 घंटे लेट है. इन गाडियों के साथ ही सवारी गाड़ी भी घंटों विलंब से चल रही है़

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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