ड्यूटी से डॉक्टर गायब रहेंगे तो अस्पताल में हंगामा होगा ही

जांच. सहायक समाहर्ता की जांच में एमजेके अस्पताल में नहीं मिले कई डॉक्टर अज्ञात मरीज को देखकर अस्पताल उपाधीक्षक को इलाज कराने का निर्देश देते सहायक समाहर्त्ता मनेश मीणा . गायब चिकित्सकों पर होगी कार्रवाई व्यवस्था में सुधार लाने का दिया निर्देश बेतिया : अरे … ये तो हद है. बार-बार चेतावनी के बाद भी […]

जांच. सहायक समाहर्ता की जांच में एमजेके अस्पताल में नहीं मिले कई डॉक्टर

अज्ञात मरीज को देखकर अस्पताल उपाधीक्षक को इलाज कराने का निर्देश देते सहायक समाहर्त्ता मनेश मीणा .
गायब चिकित्सकों पर होगी कार्रवाई
व्यवस्था में सुधार लाने का दिया निर्देश
बेतिया : अरे … ये तो हद है. बार-बार चेतावनी के बाद भी आपलोग चेतने का नाम नहीं लेते हैं. अस्पताल में डॉक्टर की जरूरत होती है. लेकिन जब डॉक्टर ही ड्यूटी से गायब रहे,तो भला हंगामा क्यूं न हो. सहायक समाहर्त्ता मनेश कुमार मीणा ने गुरुवार को यह बातें जीएमसीएच सह एमजेके अस्पताल के निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रशासन के पदाधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहीं. उन्होंने कहा कि अभी ओपीडी को देखा है, ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर गायब हैं. सर्जिकल ओपीडी में कोई डॉक्टर नहीं है. तीन डॉक्टरों की तैनाती है,सिर्फ एक डॉक्टर काम कर रहे हैं. क्या यहां मैनेज का खेल चल रहा है? अब भी वक्त है,
मरीजों की सुविधाओं में सुधार कर लें, वरना कार्रवाई होगी़ मौके पर अस्पताल उपाधीक्षक डाॅ शिवचन्द्र भगत, अस्पताल प्रबंधक मोहम्मद शहनवाज आदि मौजूद रहे.
वार्डों का किया निरीक्षण, ड्यूटी से गायब मिले डॉक्टर : ओपीडी निरीक्षण के बाद सहायक समाहर्त्ता ने अस्पताल के वार्डों का निरीक्षण किया. इस क्रम में वे सबसे पहले इमरजेंसी का रूख किये. जहां उपाधीक्षक के साथ डॉक्टरों के रोस्टर का मिलान किया और यह जाना कि जितने डॉक्टरों की ड्यूटी है? क्या वे अपने ड्यूटी पर तैनात है या फरार हैं?
ड्यूटी पर तैनात अधिकांश डॉक्टर ड्यूटी मैनेज कर फरार मिले. सहायक समाहर्त्ता ने वार्ड निरीक्षण के क्रम में फिमेल मेडिकल वार्ड, मेल मेडिकल वार्ड, मेल सर्जिकल वार्ड को भी देखा. जहां बेड पर सतरंगी चादर नहीं देख, तैनात नर्सों को फटकार लगाया. उन्होंने यह भी कहा कि चादर रोज-रोज बदलना जरूरी है. अगर इसकी उपलब्धता नहीं करायी जाती है,तो अस्पताल प्रशासन को इसका जिम्मेवार माना जायेगा व संबंधित लोगों पर कार्रवाई होगी.
आइसीयू में थी चकाचक व्यवस्था : अन्य वार्डों के मुकाबले अस्पताल के आइसीयू में व्यवस्था चाकचौबंद दिखी. चार बेड की इस आइसीयू में सभी वेड पर चादर नजर आये. इतना हीं नहीं आइसीयू में रोस्टर के मुताबिक कार्यरत सीनियर रेजिडेंट डाॅ महेंद्र कुमार, एनेस्थेटीक डा़ भूनेश्वर कुमार, जूनियर रेजिडेंट डा़ अमित कुमार व आइसीयू इंचार्ज नर्स मनीषा मोरबेन उपस्थित मिली. जबकि अन्य वार्डों में तैनात जूनियर रेजिडेंट गायब मिले. इसको गंभीरता से लेते हुए सहायक समाहर्त्ता ने गायब मिले जूनियर रेजिडेंट के खिलाफ कार्रवाई की बात कही.
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मनोरोग विभाग के चिकित्सकों से करायें इलाज
सहायक समाहर्त्ता मनेश कुमार मीणा ने अस्पताल के बरामदे में पड़े एक मरीज को देखा. मरीज के बावत अस्पताल के उपाधीक्षक डाॅ शिवचन्द्र भगत से मरीज की बावत जानकारी मांगी. उपाधीक्षक ने मरीज को मानसिक विक्षिप्त बताया. इस पर सहायक समाहर्ता उपाधीक्षक को फटकार लगाते हुए मरीज का इलाज मनोरोग विभाग के चिकित्सकों से कराने का निर्देश दिया. कहा कि इस ठंड के मौसम में जब लोग घर से बाहर नहीं निकलते हैं, ऐसे में मरीज बरामदे में पड़ा हुआ है. आपलोगों में मानवता है कि नहीं. यह डाॅक्टरों के पेशे के लिए काफी शर्मनाक है. इसमें सुधार कीजिए.

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