नोटबंदी. 60% एटीएम कर रहे काम, दो हजार रुपये के ही ज्यादातर िनकल रहे हैं एटीएम से नोट
बेतिया : नोटबंदी के एक माह बाद लोगों का घाव तो कम हो गया है, लेकिन टीस अभी बरकरार है. एक महीने के बाद बैंकों में स्थिति अब सामान्य हो चली है. हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी बैंक की कतारों में कमीं न के बराबर है.
बैंक का कार्य सामान्य होने से कुछ छोटे व्यवसायी बैंकों को छोड़ शहर के अधिकांश बैंक आरबीआई द्वारा निर्धारित राशि का भुगतान ग्राहकों को करने लगे है. एटीएम की हालत यह है कि शहर के करीब 60 फीसदी एटीएम सुचारु रुप से चल रहे हैं. हालांकि ज्यादातर एटीएम से दो हजार रुपये का नोट ही निकल रहा है. एटीएम की कतार भी अब छोटी हो गयी है
. सुबह एटीएम में कतारें तो दिखती है, लेकिन दोपहर होते होते कतार एक -दो लोगों में बदल जाती है. शहर के एटीएम की एक सच्चाई यह भी है कि एसबीआई व विजया बैंक की सेवा निरंतर ग्राहकों को मिल रही है. वहीं एचडीएफसी सेंट्रल बैंक यूनियन बैंक पीएनबी आदि की सेवा निरंतर तो नहीं है लेकिन लोगों को फिर भी निराश नहीं होना पड़ता है. केनरा बैंक, डाकघर, बैंक ऑफ बड़ौदा यूको बैंक, इलाहाबाद बैंक, के एटीएम हैं िजनसे लोगों को न तो कैश मिला और न ही इनमें से कुछ का शटर नोटबंदी के बाद से उठा ही नहीं ़
