पछुआ हवा ने बढ़ायी सर्दी, जलने लगे अलाव

मौसम. पूरे दिन धूप नहीं निकलने से शहरवासियों की बढ़ी परेशानी , गुलजार रहने वाली बाजारों में भी पसरा रहा सन्नाटा बेतिया में रेलवे स्टेशन पर कोहरे के बीच ट्रेन का इंतजार करते यात्री. शहर की एक दुकान पर अलाव जला कर बैठे लोग. पड़ने लगी ठंडी बेतिया : कोहरा, कनकनी और पछुआ हवाओं संग […]

मौसम. पूरे दिन धूप नहीं निकलने से शहरवासियों की बढ़ी परेशानी

, गुलजार रहने वाली बाजारों में भी पसरा रहा सन्नाटा
बेतिया में रेलवे स्टेशन पर कोहरे के बीच ट्रेन का इंतजार करते यात्री.
शहर की एक दुकान पर अलाव जला कर बैठे लोग.
पड़ने लगी ठंडी
बेतिया : कोहरा, कनकनी और पछुआ हवाओं संग ठंड ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया है. शीतलहर की स्थिति बनती दिख रही है. नतीजा बुधवार को पारा 12 डिग्री सेल्सियस के नीचे पहुंच गया. सुबह में घना कोहरा दिखा.
दृश्यता 50 मीटर से कम थी. लिहाजा 40 मीटर बाद सब कुछ ओझल सा था. सड़कों पर वाहन चलाना चुनौतीपूर्ण था. सात से 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही ठंडी हवाओं ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया़ पूरे दिन धूप नहीं हुई, लोग घरों में दुबके रहे.
बच्चों की बढ़ी परेशानी
खास यह है कि बीते तीन दिन से लगातार चल रही पछुआ हवाओं से ठंड बढ़ गयी है. पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान में दो और न्यूनतम तापमान में छह डिग्री सेल्सियस की गिरावट आयी है. मौसम विभाग की मानें तो अभी ठंड का कहर और बढ़ेगा. रात में कंपकंपी वाली ठंड रहेगी तो दिन भर सर्द हवाएं परेशान करेंगी. सुबह कोहरे से भीगी रहेगी. सामान्यत: ठंड के दिनों में हवा 0.9 या एक किमी प्रतिघंटा रहती है. लेकिन बुधवार को सात किमी प्रतिघंटे की औसत रफ्तार से पछुआ हवाएं बही. इस स्पीड से हवाओं के चलने से लोगों को कंपकंपीवाला ठंड का एहसास हुआ. इन्हीं हवाओं के कारण वायुमंडल में नमी भी बढ़ गयी है. ठंड बढ़ने से बच्चे बेहाल हैं. कोहरे के साथ-साथ ठंड को देख कर बच्चों को स्कूल जाने में भी परेशानी होने लगी है. अभी भी अधिकतर निजी स्कूल की कक्षा मॉर्निंग आवर में ही लगती है. नतीजा बच्चों की परेशानी बढ़ गई है.
12 डिग्री सेल्सियस रहा न्यूनतम तापमान
07 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवा
50 मीटर से कम थी विजिबिलिटी
बच्चे व बुजुर्ग बरतें सावधानी : वरिष्ठ फिजिशियन व जाने माने चिकित्सक डा सन्नी कुमार सिंह की सलाह है कि पछुआ हवा व सर्द मौसम सेहत के लिहाज से खतरनाक है. बड़े-बुजुर्ग व बच्चे पूरी कोशिश करें कि वे सुबह-सुबह घर से न निकले. शुगर, बीपी, अस्थमा व ह्रदय रोगी विशेषकर घर से निकलने से बचें
अगर किन्हीं कारण उन्हें निकलना पड़ रहा है तो पूरे शरीर को गरम कपड़ों से अच्छी तरह ढंक कर निकलें.
खेती के लिए फायदेमंद : कृषि वैज्ञानिक की मानें तो यह मौसम गेहूं, मकई दलहन के लिए फायदेमंद है. न्यूनतम तापमान कम होने पर छोटे कीड़े नष्ट हो जाते हैं. सिर्फ बादल लगने से परेशानी रहती है. इस बार मानसून के सीजन में बारिश भी अच्छी हुई है. ऐसे में अत्यधिक ठंड पड़ने की संभावना है.
ये ट्रेनें रहीं लेट : 12558 आनंदबिहार-मुजफ्फरपुर सप्तक्रांति सुपरफास्ट: नौ घंटे लेट5215 मुजफ्फरपुर-नरकटियागंज चंपारण एक्सप्रेस: ढाई घंटे लेट55207 मुजफ्फरपुर-नरकटियागंज पैसेंजर ट्रेन: पांच घंटे लेट15212 अमृतसर- दरभंगा जननायक एक्सप्रेस: 12 घंटे लेट
अौर गिरेगा पारा
दिसंबर माह में बुधवार को रही सबसे अधिक ठंडी, अन्य दिनों की अपेक्षा पारा रहा नीचे
बाजार में दिखा ठंड का असर, सड़कों पर नहीं देखे लोग
शाम ढलते ही लग जाता है कोहरा

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