घोषणा. 500 की जगह अब वकीलों हर माह मिलेगी " 880 शगुन राशि
वाई-फाई, हाइटेक ऑडिटोरियम, इ-लाइब्रेरी, अत्याधुनिक हाल, चेंबर. जल्द ही बेतिया विधिज्ञ संघ भवन कुछ ऐसे ही रूप में दिखेगा. इसके लिए सभी प्लान बन चुके हैं .
बेतिया : स्थानीय सिविल कोर्ट स्थित जिला विधिज्ञ संघ का अब अपना भव्य ऑडिटोरियम होगा. इसपर कुल 16 लाख रुपये खर्च होगा. चार लाख की राशि बार काउसिंल ऑफ इंडिया देगी. बाकी की राशि बिहार बार काउसिंल व जिला विधिज्ञ संघ की ओर से वहन किया जायेगा.
शनिवार को जिला विधिज्ञ संघ की ओर से आयोजित विधि दिवस में अधिवक्ता शैलेंद्र सिन्हा की जोरदार मांग पर बीसीआइ चेयरमैन मनन मिश्र ने चार लाख रुपये देने की घोषणा की.
श्री सिन्हा ने कहा कि इसके लिए प्राक्कलन बना लिया गया है. कुल 16 लाख रुपये खर्च होंगे. बिहार स्टेट बार काउसिंल के सदस्य अंजनी कुमार पराशर ने कहा कि स्टेट बार काउसिंल की ओर से अधिवक्ताओं के हित के लिए तमाम योजनाएं चलाई जा रही है.
जल्द ही स्टेट काउसिंल की ओर से सभी नये अधिवक्ताओं को मुफ्त कानूनी किताबें उपलब्ध कराई जायेगी. एक-एक लाख की लागत से सभी जिले के बार एसोसिएशन में ई-लाइब्रेरी की स्थापना की जा रही है.
विधिज्ञ संघ के कोषाध्यक्ष शिव कुमार ने कहा कि अधिवक्ता जब समृद्ध होगा, तभी उसका विधि व्यवसाय भी समृद्ध होगा. उन्होंने कहा कि जनवरी से न्यायालय परिसर में मुफ्त वाईफाई की सुविधा संघ की ओर से शुरू की जायेगी.
अधिवक्ताओं को मिलने वाली शगुन राशि 500 से बढ़ाकर 880 रुपये प्रति माह कर दी गई है. मृत्यु लाभांश अब ढाई लाख से बढ़ाकर 3.30 लाख रुपये दिये जायेंगे.
ई-लाइब्रेरी से दस कम्प्यूटर जोड़े जायेंगे. पूर्व बिहार स्टेट बार काउसिंल के सदस्य म़ सैदुल्लाह ने कहा कि आज का दिन गौरव का दिन है. आज ही के दिन 26 नवंबर 1949 को अपना संविधान वजूद में आया. इससे पूरे देश में आज का दिन अधिवक्ता सह विधि दिवस में रूप में मनाया जाता है. कार्यक्रम की शुरूआत सचिव किशोरी लाल शिकारिया के अभिभाषण से हुई.
अतिथियों का स्वागत करते हुए उन्होंने संघ की उपलब्धियों की बखान की. उन्होंने इस दौरान स्टेट बार काउसिंल से मृत्यु उपरांत मिलने वाली राशि को बढ़ाकर 15 लाख, चिकित्सा अनुदान को दो लाख, स्वेच्छा से रिटायर होने वाले वकीलों के लिए 5 लाख करने की मांग की. अंत में विधिज्ञ संघ के अध्यक्ष मदन मोहन मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापन किया.
अधिवक्ताओं से ही न्यायालय की गरिमा: जिला जज : जिला एवं सत्र न्यायधीश शंभूनाथ तिवारी ने कहा कि न्यापालिका आज जिस गरिमामयी स्थान पर खड़ी है, वह अधिवक्ताओं के बिना संभव नहीं है. न्यायिक पदाधिकारियों को भी न्यायालय की गरिमा बनाये रखना चाहिए. उपस्थित सभी अधिवक्ताओं को बधाई देते हुए जिला जज श्री तिवारी ने नये अधिवक्ताओं को शुभकामना दी.
ये रहे मौजूद : कार्यक्रम में उपाध्यक्ष योगेश चंद्र वर्मा, रमेश त्रिपाठी, संयुक्त सचिव राजेंद्र तिवारी, अशोक शर्मा, वरीय अधिवक्ता राधव शरण चौबे, अब्दुल हई अख्तर, जीपी रमेश गिरी, पीपी अरविंद सिंह, विजय बहादुर सिंह, कौशल किशोर झा, सैयद अबु तारीक उर्फ बबलू, अभिषेक तिवारी, सहजाद इमाम कादरी, मोहम्मद अलाउद्दीन, अभिषेक वर्मा, संकेत कुमार, वरीय अधिवक्ता शीला मिश्रा, अमृता कुमारी, रश्मि देवी समेत तमाम अधिवक्तागण मौजूद रहे.
