बेतिया से शुरू होगी नये अधिवक्ताओं की ट्रेनिंग

बेतिया : बीसीआइ चेयरमैन मनन मिश्र ने कहा कि आज के दौर में नये अधिवक्ताओं के सामने बड़ी चुनौती नहीं है. एक तरफ कान्वेंट और अच्छे शिक्षण संस्थानों से निकलकर तमाम नये अधिवक्ता देश भर के कोर्ट में योगदान करने वाले हैं, तो दूसरी ओर फॉरेन लैय्यर को भी देश में विधि व्यवसाय करने की […]

बेतिया : बीसीआइ चेयरमैन मनन मिश्र ने कहा कि आज के दौर में नये अधिवक्ताओं के सामने बड़ी चुनौती नहीं है. एक तरफ कान्वेंट और अच्छे शिक्षण संस्थानों से निकलकर तमाम नये अधिवक्ता देश भर के कोर्ट में योगदान करने वाले हैं, तो दूसरी ओर फॉरेन लैय्यर को भी देश में विधि व्यवसाय करने की तैयारी में है. ऐसे में नये अधिवक्ता के सामने चुनौती है. इसको ख्याल में रखते हुए नये अधिवक्ताओं के लिए बीसीआइ की ओर से ट्रेनिंग की व्यवस्था की गई है. इसमें सुप्रीम व हाइ कोर्ट के रिटायर्ड जज समेत अन्य प्रशिक्षक शामिल होंगे. चेयरमैन ने दावा किया कि इस ट्रेनिंग की शुरुआत देशभर में सबसे पहले बेतिया से होगी.

प्राबेशन पीरियड में आर्थिक मदद की मांग
वरिष्ठ अधिवक्ता ऐगेंद्र मिश्र ने अपने संबोधन में एडवोकेट वेरिफिकेशन नियम की भर्त्सना की. कहा कि इससे पूरे देश के अधिवक्ताओं का सम्मान घटा है. श्री मिश्र ने इस दौरान नये अधिवक्ताओं के दो साल के प्रोबेशन पीरियड में भी आर्थिक सहायता देने की वकालत की. कहा कि नये अधिवक्ताओं को भले ही प्राेबेशन पीरियड में रखा जाय, इसमें कोई आपत्ति नहीं है. लेकिन उन्हें आर्थिक सहायता मिले. ताकि वह खुद को विधि व्यवसाय में स्थापित कर सकें.
पांच वरीय अधिवक्ताओं को किया गया सम्मानित
कार्यक्रम के दौरान वरीय अधिवक्ता राजाराम आचार्य, दिनेश प्रसाद वर्मा, अभय चंद्र जायसवाल, सुशील कुमार व मणिभूषण दत्त को सम्मानित किया गया. इसके अलावे 25 नये अधिवक्ताओं के बीच विधि पुस्तकों को निश्शुल्क वितरण किया गया.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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