गौनाहा : अंचल के कुल इक्कीस गांवों से होकर भारत-नेपाल सीमा पर बनने वाली सीमा सुरक्षा सड़क गुजरेगी. इसके लिए अंचल परिसर में शिविर लगाकर इस दायरे में आने वाले भू-धारियों से आपत्ति पत्र लिया गया.
शिविर में शुक्रवार और शनिवार को आपत्ति पत्र जमा कराये गये. इन गांवों में सिरिसिया, भटनी, बजनी, जम्हौली, रूपौलिया, मंगुराहा, देवाड़, बैरिया, धमौरा, परसौनी, पिड़ारी, सरकटवा, डूमरी, हरकटवा, गौनाहा, दोमाठ, गवनाहा, डूमरिया, घेघवलिया, सुपौली गांव शामिल हैं.
इस बाबत जिला भू-अर्जन पदाधिकारी नुरूल हक शिवानी ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा सड़क निर्माण में जितने भू-धारियों की जमीन आ रही है, उन सभी को प्रपत्र 11 में अधिसूचना और 19 में घोषणा तथा 21 में नोटिस किया गया.
इस क्रम में अधिसूचना में भू-धारियों को सूचना दी गयी और घोषणा में भूमि का जायजा ली गयी. जबकि नोटिस में उनसे आपत्ति पत्र लिया गया. साथ ही भू-अर्जन की प्रक्रिया आरंभ की गई है. इस दौरान आपत्ति पत्र लेकर सुनवाई की जा रही है.
इस मौके पर आपत्ति देनेवालों में जय बहादुर, विश्वनाथ पांडेय, ओमप्रकाश गढ़वाल, उमेश महतो, रामसुभग महतो, गोपी बनिक, गोपाल बनिक, रंजीत राय सहित कुल सात दर्जन लोगों ने आपत्ति पत्र दायर किया. मौके पर कानूनगो संजय कुमार, नाजिर अनिसुल रहमान, अमीन अनवर अंसारी, कनीय अभियंता हरि प्रसाद मौजूद रहे.
