कार्रवाई. खर्च के लिए मिली राशि का ब्योरा लेगा शिक्षा विभाग
भवन, शौचालय निर्माण, विकास अनुदान, मरम्मत, चापाकल, पोशाक आदि योजनाओं मिली राशि का एचएम को देना होगा हिसाब
जांच में मिली गड़बड़ी, तो प्रधानाध्यापकों पर गिरेगी गाज
जिले के करीब 2500 प्रारंभिक विद्यालयों की होगी जांच
बेतिया : सरकारी स्कूलों को विद्यालय में विभिन्न मद्दों में होनेवाले कार्यों व खर्च का लेखा-जोखा दुरुस्त करना होगा.खासकर वैसे प्रधानाध्याक व प्रभारी प्रधानाध्यापक जो खर्च का ब्यौरा नहीं रखते हैं, उनके लिए यह खबर काफी परेशान करने वाली है.
विभाग सरकारी स्कूलों का ऑडिट कराने जा रही है. ऐसे में हिसाब-किताब में सुस्ती बरतनेवाले प्रधानाध्यापक अभी से अपना रिकार्ड दुरूस्त कर ले,तो उनके लिए बेहतर होगा. ऑडिट के दौरान यदि का खर्च हिसाब नहीं मिलता है,तो संबंधित प्रधानाध्यापकों पर राशि गबन करने का मामला बनेगा. साथ हीं उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ कानूनी कार्रवाई की भी तलवार लटक जायेगी. अगर विभागीय सूत्रों की माने,तो पश्चिम चंपारण जिले में जल्द हीं राज्य से ऑडिट टीम आने वाली है.
क्यों पड़ी जांच की जरूरत: सर्व शिक्षा अभियान के तहत विभिन्न योजना पोशाक, विद्यालय विकास, मरम्मती व रख-रखाव अनुदान, भवन व शौचालय निर्माण, किचेन शेड निर्माण, प्रधानाध्यापक कक्ष निर्माण सहित तमाम योजनाओं के लिए बिहार शिक्षा परियोजना राशि मुहैया कराती है. स्कूलों में राशि तो खर्च की जाती है, लेकिन उसका हिसाब-किताब नहीं रखा जाता है.
कई बार तो योजनाओं की राशि की गबन या बंदरबांट भी कर ली जाती है. इससे प्रतिवर्ष विभाग को करोड़ों रूपये का नुकसान होता है व जिन बच्चों के लिए यह राशि उपलब्ध करायी जाती है, उन्हें भी इसका लाभ नहीं मिल पाता है. इन्हीं बातों के मद्देनजर विभाग ने सभी स्कूलों का ऑडिट कराने का निर्णय लिया है.
इन कागजात की हो सकती है जांच
चेक निर्गत पंजी
रोकड़ या बैंक पंजी
खाता-बही व लेजर बुक
भंडार पंजी
खर्च विवरणी व उपयोगिता प्रमाणपत्र
अपडेट बैंक पास बुक
योजनावार आवंटन पंजी
वीएसएस की कार्यवाही पंजी
अन्य योजनाओं के कागजात
किचेन शेड निर्माण का कागजात व राशि का ब्योरा
