कॉलेज सह अस्पताल की कुव्यवस्था पर एमसीआइ ने जताया असंतोष
बेतिया : यह फिमेल वार्ड है. यहां की व्यवस्था देखने से लगता है कि यह मरीजों के इलाज के लायक ही नहीं है. इसमें कैसे इलाज होता होगा? यह समझ से परे है. मंगलवार को गर्वमेंट मेडिकल कॉलेज सह एमजेके अस्पताल के निरीक्षण करने आयी पहुंची तीन एमसीआई की टीम ने फिमेल वार्ड के निरीक्षण के दौरान कही. टीम के सदस्यों ने कॉलेज की व्यवस्था एतराज जतायी. एमसीसीआइ की टीम के सदस्यों ने प्राचार्य डॉ़राजीव रंजन प्रसाद से उल्टे में सवाल दागा कि यह कॉलेज कुछ इयर की पढ़ाई के लिए नहीं है. यहां मेडिकल की पढ़ाई होनी है. व्यवस्था में सुधार लाइए. ताकि यह पढ़ रहे छात्रों को मेडिकल के क्षेत्र में बेहतर ज्ञान हो सके. उसके बाद टीम बारी-बारी से सभी वार्डों का निरीक्षण की. कमो-वेश सभी वार्डों में कमियां-ही-कमियां पायी गयी वहीं वार्डों में बेड से सत-रंगी चादर गायब रहे. टीम में डॉ़रामाकृष्णन रेडी एन,
डॉ़अनुराधा,डॉ़कल्याण भट्टाचार्या, कॉलेज प्राचार्य डॉ़राजीव रंजन प्रसाद, अस्पताल अधीक्षक डॉ़एचएन झा, डॉ़शिल्पी रंजन आदि मौजूद रहे.
अब तक कितना हुआ ऑपरेशन क्या है थियेटर की व्यवस्था : एमसीआई ने प्राचार्य डॉ़राजीव रंजन प्रसाद से मेडिकल कॉलेज में ऑपरेशन थियेटर की संख्या व उसकी व्यवस्था की जानकारी मांगी. जब तक वे कुछ जबाब देते, तुरंत फिर सवाल कर दिया कि अब तक कितने मरीजों का अस्पताल में ऑपरेशन हुआ है? एकाएक टीम के सदस्यों के सवाल से प्राचार्य ऑपरेशन थियेटर व ऑपरेशन की जानकारी देने में असहज महसूस करने लगे. साथ हीं टीम ने ओपीडी, एक्स-रे,अल्ट्रा साउंड आदि की भी जानकारी मांगी. इतना हीं एनाटोमी विभाग, माक्रो-बायोलॉजी, बायो-केमेस्ट्री, आइसीयू सर्जिकल वार्ड आदि का भी निरीक्षण किया.
छात्रों से मिली टीम, सुनी उनकी समस्या: एमसीआइ की टीम ने छात्रों से अस्पताल की जानकारी ली. छात्रों ने टीम को छात्रावास,पुस्तकालय व लेक्चार रूम की समस्याओं की जानकारी दी. छात्राओं ने टीम को बताया कि छात्रावास की दूरी ज्यादा होने से उनकी हमेशा कॉलेज आने में लेट जाता है. जिससे उनके पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.
चारों तरफ फैली मिली गंदगी: अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था का पोल कॉलेज का निरीक्षण करने आयी एमसीआई की टीम के समाने खुल गया. कॉलेज सह अस्पताल परिसर में चारों तरफ कूडे-कचरे व गंदगी का अंबार लगा रहा है. टीम ने सफाई व्यवस्था पर काफी आपत्ति जतायी. टीम के सदस्यों ने कहा कि अगर सफाई की यहीं व्यवस्था रही,तो मरीजों का काफी नुकसान होगा.
