332 मामले हाईकोर्ट में विचाराधीन

बेतिया : जिला के सरकारी विभागों से संबंधित कुल 332 मामले माननीय उच्च न्यायालय में चल रहा है. इसमें 318 सीडब्लूजेसी के एवं 18 एमजेसीक के है. उप विकास आयुक्त-सह-प्रभारी जिला पदाधिकारी राजेश मीणा ने इन सभी मामलों की जांच-पड़ताल कर हाई कोर्ट में एसओएफ एक सप्ताह के अंदर दायर करने का निर्देश पदाधिकारियों को […]

बेतिया : जिला के सरकारी विभागों से संबंधित कुल 332 मामले माननीय उच्च न्यायालय में चल रहा है. इसमें 318 सीडब्लूजेसी के एवं 18 एमजेसीक के है. उप विकास आयुक्त-सह-प्रभारी जिला पदाधिकारी राजेश मीणा ने इन सभी मामलों की जांच-पड़ताल कर हाई कोर्ट में एसओएफ एक सप्ताह के अंदर दायर करने का निर्देश पदाधिकारियों को दिया है.

उन्होंने कहा कि एसओएफ दायर करने के पूर्व रिट याचिका के कारणों की पूरी जानकारी कर ली जाय एवं सरकारी वकील से समन्वय कर इसका एसओएफ तैयार कराया जाय. डीडीसी विकास भवन के सभा कक्ष में आयोजित एक बैठक में न्यायालय में विचाराधीन मामलों के निपटान की प्रगति की समीक्षा कर रहे थे.

जिला में बड़ी संख्या में न्यायालय में चल रहे वादों पर चिंता व्यक्त किया गया और इन मामलों के त्वरित निष्पादन हेतु सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया.

इस बैठक में सभी अनुमंडल पदाधिकारी, डीसीएलआर, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी व जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.
मुकदमों में अव्वल बेतिया नप
हाई कोर्ट में विचाराधीन मामलों की समीक्षा में सर्वाधिक 20 मामले नगर परिषद, बेतिया के मिले. नप कार्यपालक पदाधिकारी विपिन कुमार को सभी मामलों की जांच-पड़ताल कर हाई कोर्ट में सीओएफ दायर करने का निर्देश दिया गया. नप के कार्यपालक पदाधिकारी ने बताया कि 4 केस का सीओएफ दायर कर दिया गया है.

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