बार्डर पर तस्करी भी खूब बढ़ी
बेतिया : स्थान: इण्डो-नेपाल बार्डर का भिखनाठोरी. समय: शाम के पांच बजे. मेले जैसा माहौल है. पेट्रोल-डीजल, सिलेण्डर लदी गाडियां तैयार हैं. जवान भी तैनात है. सभी को इंतजार बस अंधेरा होने का है. अब दिन ढ़ल गयी है, अंधेरा हो चुका है. गाडि़यों की लाइट से सरहद रोशन है. एक चार पहिया गाड़ी बार्डर […]
बेतिया : स्थान: इण्डो-नेपाल बार्डर का भिखनाठोरी. समय: शाम के पांच बजे. मेले जैसा माहौल है. पेट्रोल-डीजल, सिलेण्डर लदी गाडियां तैयार हैं. जवान भी तैनात है. सभी को इंतजार बस अंधेरा होने का है. अब दिन ढ़ल गयी है, अंधेरा हो चुका है. गाडि़यों की लाइट से सरहद रोशन है. एक चार पहिया गाड़ी बार्डर पर रोकी जाती है, तैनात कर्मी नंबर दर्ज करता है और गाड़ी जाने देता है. साथ में यह भी चेताता भी है कि तुम्हारा चार राउंड हो चुका है.
थोड़ी ही दूर तस्करों का झुंड जमा मिलता है, कुछ जवान व वनविभाग के कर्मी भी खड़े हैं. बात होती है कि नेपाली कांग्रेस अब मधेशियों से वार्ता करने का तैयार है. तभी दूसरा तस्कर कामना करते हुए कहना है कि हे भगवान! नेपाल में मधेशी आंदोलन भले ही ठंडी पड़ जाये, पर इण्डो-नेपाल बार्डर के हालात यूं ही रहे. नहीं तो मोटी कमाई बंद हो जायेगी. इसकी बात पर सभी हामी भरते और अब अपने काम में जुट जाते हैं.
3000 रुपये में बिक रहे सिलेंडर
नेपाल के बाजारों मे एक गैस सिलेंडर की कीमत तीन से आठ हजार रुपये हो गयी है. ऐसे मे तस्कर विभिन्न तरीकों से जुगाड़ कर बेतिया, नरकटियागंज, लौरिया, सिकटा, सरिसवा गैस ऐजेंसियों से लेकर नेपाल मे बेच रहे हैं.
भिस्वा बाजार में होता है स्टॉक
सिकटा. सीमावर्ती क्षेत्र के पड़ोसी देश नेपाल के भिस्वा बाजार मे भारतीय गैस सिलेंडरों का स्टॉक किया जाता है. वहां पर नेपाल के विभिन्न जगहों से आये सिलेंडरों मे रिफील कर गैस सिलेंडर बेचे जा रहे है.
पहले आनाकानी, बाद में दे रहे ईंधन
सिकटा. तस्करी के खेल के इस आड़ मे पेट्रोल पंप संचालक भी दो से पांच रुपये तक की उतरी कमाई कर रहे है. पहले तो तस्करों को गैलन मे तेल देने की आनाकानी कर रहे है. बाद मे जब तस्कर उतरी कमाई का लालच देते है तब संचालन उनके द्वारा की गयी मांग के अनुसार तेल उनके गैलन मे दे देते है.
यहां से हो रही तस्करी
भिखनाठोरी
भतुजिला
इनरवा
नकरदेई
पचरौता
तस्करी पर अंकुश लगाने का प्रयास किया जा रहा है. तस्कर खुली सीमा का लाभ उठाते है. जवानों को निर्देश दिया गया है.
राकेश कुमार सिन्हा, कमाडेंट एसएसबी
कारोबार बढ़ा, पूंजीपति कर रहे मदद
यह तस्करी अब सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों तक ही सीमित नहीं रह गयी है. बल्कि बेतिया, नरकटियागंज, लौरिया, चनपटिया, सरिसवा आदि जगहों के लोग भी इसमें शामिल हो गये हैं. इसकी पुष्टि बार्डर पर उनकी गिरफ्तारी से हो रही है. गिरफ्तार लोगों ने यह भी बताया कि उन्हें पूंजीपति की ओर से इस काम के लिए पैसा दिया जा रहा है.
अफसर, पूंजीपति, तस्कर, पुलिस सभी कर रहे यही कामना, हो रही मोटी कमाई