नौतन : प्रशासनिक व पुलिस के उदासीन रवैये को लेकर नौतन में पुलिस पर हमला का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. पुलिस-पब्लिक के बीच आयी दरार खुल कर सामने आ जा रही है.
विगत दो माह के आंकड़ों पर गौर किया जाय,तो अब तक तीन बार पुलिस पर हमले की घटना घट चुकी है. पुलिस-पब्लिक के बीच हुए ंिहसक झपड़ में नौतन थानाध्यक्ष यूसूफ अंसारी सहित आधा दर्जन पुलिस पदाधिकारी व जवान गंभीर रूप से घायल हो चुके हैं. पुलिस-पब्लिक में आयी दरार ने सिस्टम पर कई सवाल खड़ा कर दिया है.
आखिरकार क्या कारण है कि पुलिस को देखते लोगों का आक्रोश बढ़ जा रहा है? कहीं पुलिस की ओर से लोगों को सही न्याय तो नहीं मिल रहा है.
स्थानीय स्तर पर न्याय नहीं मिलना बना कारण
अगर नौतन में पुलिस पर हुए हमले के पीछे देखा जाय,तो भूमि विवाद हीं आ रहा है. जिसमें अतिक्रमण मुख्य कारण है. अगर इन मामलों में स्थानीय स्तर पर लोगों को न्याय मिल जाता,तो शायद यह घटना नहीं घटती.साथ हीं पुलिस-पब्लिक का संबंध भी बेहतर रहता.
जड़ में है अंचल कार्यालय
नौतन में भूमि विवाद व अतिक्रमण के जितने मामले हैं, उसमें कहीं-न-कहीं अंचल कार्यालय की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है.
अगर अंचल व थाना स्तर पर भूमि विवाद को निबटाने के लिए पहल की जाती, तो पुलिस के प्रति लोगों का आक्रोश नहीं बढ़ता. हालांकि सरकार का साफ निर्देश है कि थाना व अंचल संयुक्त रूप से भूमि विवाद के मामले को लेकर सप्ताह में एकबार पहल करे. लेकिन ऐसा नहीं हो पाना विवाद व हमला के जड़ में माना जा रहा है.
