बेतिया : होर्डिग-बैनर के सहारे शहर में अपने प्रचार-प्रसार का जाल बिछाने वाली अवध ग्रुप कंपनी के सेंटर बी मॉल के निर्माण पर ग्रहण लग गया है. जबकि कंपनी ने मॉल में दुकान देने के नाम पर नगरवासियों से लाखों रुपये एडवांस ले ली है.
दुकान के लिए एडवांस पैसा जमा कराये लोग कंपनी के पदाधिकारियों से मिलने के लिए चक् कर लगा रहे हैं. इसका खुलासा उस वक्त हुआ जब मॉल के निर्माणाधीन स्थल के मालिकाना हक रखने वाले राहुल घई ने कंपनी को वकालतन नोटिस भेजा.
बताया है कि बैरिया थाना के मथौली गांव निवासी नवल किशोर पांडेय के पुत्र मनीष पांडेय अवध ग्रुप कंपनी के सीएमडी व उनकी धर्म पत्नी भूमिका अग्रवाल डायरेक्टर है. सीएमडी के पिता नवल किशोर पांडेय के सामने मनीष पांडेय व उनकी पत्नी भूमिका अग्रवाल ने मॉल के निर्माण के लिए एग्रीमेंट कराया था. लेकिन एग्रीमेंट के अनुसार कोई काम शुरू नहीं हुआ.
मॉल बनाने से पहले पुराने भवन को हटाने के नाम पर कंपनी को 50 लाख रुपया देना था. इसके एवज में मनीष ने एक्सीस बैंक का चेक दिया. चेक भी बांउस हो चुका है. इधर अवध ग्रुप के सीएमडी मनीष पांडेय ने बताया कि 50 लाख रुपये देने की बात एंग्रीमेंट के तहत है. एंग्रीमेंट की शर्ते पूरी नहीं करने के कारण राशि नहीं दी गयी. वहीं जिन लोगों ने मॉल में दुकान बुक कराया था.उनका पैसा वापस की जायेगी.
मॉल के ऑफिस में लगा ताला
सुप्रिया सिनेमा रोड में विशप भवन के सामने बड़े ताम-झाम के साथ इस कंपनी का ऑफिस खुला. करीब एक माह के अंदर इस ऑफिस के सभी कमरों में वातानुकूलित करा दिया गया.
हाई-फाई इस ऑफिस में शहर के नामचीन लोगों का जमवाड़ा भी लगने लगा. लेकिन कंपनी ने मकान का भाड़ा तक नहीं दिया. नाम नहीं छापने के शर्त पर मकान मालिक ने बताया कि आखिर किस परिस्थिति में कोई मकान मालिक ताला लगाता है.
