इनामी कांटेक्ट्र किलर समीर धराया

बेतिया : 50 हजार के इनामी कांट्रेक्ट किलर समीर अंसारी को दिल् ली पुलिस ने धर दबोचा है. समीर अंसारी शहर के जमादार टोला का रहने वाला है. इसकी पुष्टी बेतिया एसपी विनय कुमार ने सोमवार को की. उन्होंने बताया कि समीर अंसारी को दिल्ली पुलिस ने रज्जोकरी गांव से रविवार के दिन पकड़ा. वह […]

बेतिया : 50 हजार के इनामी कांट्रेक्ट किलर समीर अंसारी को दिल् ली पुलिस ने धर दबोचा है. समीर अंसारी शहर के जमादार टोला का रहने वाला है. इसकी पुष्टी बेतिया एसपी विनय कुमार ने सोमवार को की. उन्होंने बताया कि समीर अंसारी को दिल्ली
पुलिस ने रज्जोकरी गांव से रविवार के दिन पकड़ा.
वह करीब दो माह से दिल्ली के रज्जोकरी गांव में एक किराये के मकान में पनाह लिये हुए था. गुप्त सूचना के आधार पुलिस ने छापेमारी कर उसे धर दबोचा. समीर की बढ़ती
आपराधिक घटनाओं को देखते हुए बेतिया पुलिस 50 हजार रुपया का इनाम भी रखी थी.
2010 से नेपाल में रहकर चलता था उद्योग
कोर्ट हाजत से फरार होने के बाद समीर अंसारी ने नेपाल के पोखरा में पनाह ली. वही से पश्चिम चंपारण जिला में अपने शार्गिदों के बल पर रंगदारी उद्योग चलाने लगा था. शहर के कई प्रमुख व्यवसायी के उसके टारगेट पर रहते थे. इसके साथ उसका दखल इधर हाल के दिनों में प्रोपर्टी डिलींग, जाली नोट व नशीलें पदार्थ के तस्करी में बढ़ गयी थी. कई बार नेपाली नंबर से शहर में लूट व हत्या की घटना होने पर फोन कर अपनी संलिप्तता भी स्वीकारता था.
तोदी मैनेजर हत्याकांड के बाद
चर्चित हुआ था समीर
वर्ष 2009 दिन 25 दिसंबर, साल का बड़ा दिन. शहरवासी आज भी नहीं भूल पाते है. क्योंकि अहले सुबह नगर के भगवती नगर मुहल् ला में हुई वारदात ने सबको हिला कर रखा दिया. पूजा के लिए फूल तोड़ने गये तोदी री रोलिंग फैक्टरी के मैनेजर सच्चितानंद उपाध्याय की हत्या कर दी गयी थी.
इस घटना को अंजाम शातिर समीर अंसारी ने अपने गुर्गे के साथ दिया था. करीब एक माह बाद 3 फरवरी 2010 को इस हत्या के रहस्य से पुलिस ने परदा उठाया था. जमादार टोला के समीर अंसारी अपनी संलिप्तता स्वीकार की थी. लेकिन कुछ दिनों के बाद ही पुलिस को चकमा देकर वर्ष 2010 में ही कोर्ट हाजत से समीर फरार हो गया.
उत्पाद अधिकारी की हत्या करने की थी समीर की मंशा
वर्ष 2010 में गिरफ्तार समीर अंसारी ने एक सनसनी खेज खुलासा किया था. उसने बताया कि वह भगवती नगर मे तोदी री रोलिंग के मैनेजर की नहीं उत्पाद निरीक्षक की हत्या करने गया था. धुंध होने के कारण पहचान में गलती होने से मैनेजर की हत्या हो गयी. उसे उत्पाद निरीक्षक के हत्या के लिए शराब माफियों ने पैसा दिया था.

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