दो साल बाद हुई अज्ञात शव की पहचान

बेतिया/सरीसवाः थाना में रखे गये फोटों के आधार पर दो वर्ष बाद एक अज्ञात शव की पहचान हुई है. शव की पहचान होने के साथ ही पुलिस ने परिजनों के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है. शव वैशाली जिला के भगवानपुर थाना के संध्या गांव निवासी विकास कुमार की है. जिसकी पहचान […]

बेतिया/सरीसवाः थाना में रखे गये फोटों के आधार पर दो वर्ष बाद एक अज्ञात शव की पहचान हुई है. शव की पहचान होने के साथ ही पुलिस ने परिजनों के बयान के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है. शव वैशाली जिला के भगवानपुर थाना के संध्या गांव निवासी विकास कुमार की है. जिसकी पहचान उसके भाई सुभाष कुमार ने की है.

सुभाष ने आरोप लगाया है कि दो वर्ष पूर्व उसका भाई विकास एक रिश्तेदार के यहां शादी में बैठनिया आया हुआ था. शादी के बाद उसके रिश्तेदारों ने बिना उसके परिजनों के अनुमति से उसे बैठनियां निवासी पप्पू पांडेय के यहां नौकरी पर रखवा दिया. उसने यह भी आरोप लगाया है कि पप्पू पांडेय उनके परिजनों ने उसके भाई को मारकर फेंक दिया है.

इधर, पप्पू पांडेय का कहना है कि विकास मात्र दो दिन ही उनके घर काम किया और अचानक कही गायब हो गया. जिसकी सूचना उसके परिजनों रिश्तेदारों को दी गयी थी. यहां बता दें कि 8 जुलाई 011 को मझौलिया पुलिस ने ग्रामीणों की सूचना पर थाना क्षेत्र के राजघाट पुल से एक युवक के शव को बरामद किया था.

जिसकी पहचान कुछ दिन बाद बैरिया के भितहा निवासी के रूप में हुई थी. परिजनों ने कपड़े जूतों से शव की पहचान किया था. इस मामले में मझौलिया थाना कांड संख्या 209/011 दर्ज किया गया था. लेकिन, इधर एक पखवारा पूर्व जिस शव की पहचान बैरिया के भितहा निवासी परिजनों ने की थी. उनका लड़का भितहा के ही एक लड़की के साथ असम में जिंदा मिला. इसके बाद पुलिस मामले की छानबीन करनी शुरू कर दी थी.

इधर, थाना पहुंचे सुभाष ने फोटों से उस शव की पहचान अपने भाई विकास के रूप में की है. थानाध्यक्ष हिमांशु कुमार सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है.

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