बेतिया : जिला से बाहर एवं दूसरे प्रांतो से आर्म्स लाइसेंस पर हथियार रखने वाले लाइसेंसधारियों की कुंडली खंगालने में जिला प्रशासन जुट गया हैं. नागालैंड एवं उतर पूर्व राज्यों से बंदूक की अनुज्ञप्ति प्राप्त कर उस पर हथियार रखने वालों का लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है. इसके लिए गृह विभाग ने भी अधिसूचना जारी करते हुए इसकी सूची तलब की है. जिला प्रशासन उत्तर-पूर्व राज्य यानी नागालैंड, जम्मू कश्मीर, विभिन्न जिलों व अन्य राज्यों से शस्त्रों की अनुज्ञप्ति प्राप्त करने लोंगों की सूची बनाने में जुट गया है.
जिलाधिकारी डॉ. निलेश रामचंद्र देवरे ने बताया कि दूसरे राज्य व जिलों से लाइसेंस प्राप्त करने वालों को चिह्नित किया जा रहा है. अगर जिले में ऐसे लोग पाये जाते हैं,तो अनुज्ञप्ति प्राप्त करने के लिए आवश्यक प्रक्रिया का पालन करने व यहां के निवासी होने के बावजूद किन परिस्थितियों में उन्होंने दूसरे राज्य या अन्य जिलों से लाइसेंस प्राप्त किया है, इसकी जांच की जायेगी. अगर किसी तरह की लाइसेंस प्राप्त करने में किसी तरह की फर्जीवाडा पाया जाता है,तो ऐसे लोगों की लाइसेंस रद्द कर दिया जायेगा.
उनका हथियार जब्त करते हुए कानूनी कार्रवाई भी की जायेगी. जिला प्रशासन हथियार का लाइसेंस दूसरे राज्य व जिलों से बनवाने वाले सक्रिय नेटवर्क को भी चिह्नित कर रहा है, जो फर्जी तरीके से उत्तर-पूर्व के राज्य,विभिन्न जिले व अन्य राज्यों से शस्त्रों अनुज्ञप्ति बनवाने के लिए काम करता है. यह नेटवर्क शस्त्रों का लाइसेंस दिलाने के साथ-साथ उम्दा किस्म का हथियार भी खरीदवाने का काम करता है. सूत्रों की माने, तो जिले में 40 से 50 तथाकथित ऐसे लोग हैं, जिनके पास दूसरे राज्य व जिलों से शस्त्रों की अनुज्ञप्ति निर्गत है.
