पिपरा चौक में पुलिस की पिटाई से युवक की मौत का मामला, जान निकलने तक पीटते रहने का अारोप
बेतिया : शहर से सटे पिपरा पकड़ी गांव में गुरुवार को जो कुछ भी हुआ, वह यूं ही नहीं था. वह गुस्सा था, उस पुलिस के खिलाफ जिसने पहली बार ससुराल में आये लवहर की पीट-पीट कर जान ले ली. गम था, उस बिटिया को लेकर जिसके हाथों की मेहंदी भी फीकी नहीं पड़ी थी. भय था, उन वर्दीधारियों का जिन्होंने जाते-जाते कड़ी धमकी दे डाली थी.
लिहाजा गम और भय मिश्रित गुस्सा बेतिया-मोतिहारी मार्ग के पिपरा चौक पर इस कदर फूटा कि पुलिस को हालात काबू में करने के लिए रात भर मशक्कत करनी पड़ी. आंसू गैस के गोले तक छोड़ने पड़े. बावजूद इसके गांव में दूसरे दिन शुक्रवार को भी तनाव कायम रहा.
इधर, हॉस्पिटल में आये ग्रामीणों ने गुरुवार को हुई घटना की जो दृश्य बयां की है, वह मानवता को शर्मसार करने वाली हैं. ग्रामीणों की माने तो सफेद रंग के बोलेरो से आये वर्दीधारियों ने एकाएक ताश खेल युवकों की धरपकड़ शुरू कर दी. अन्य युवक फरार हो गये, लेकिन लवहर इनके हत्थे चढ़ गया. फिर क्या वर्दीधारियों ने थप्पड़ से पिटाई की शुरुआत की. लवहर जमीन पर गिर पड़ा तो रौंब छाड़ते हुए वर्दीधारी उसे बूटों से मारने लगे. लवहर छटपटाता हुआ जिंदगी की भीख मांगता रहा.
कभी हाथ जोड़ता, कभी पांव पकड़ता लेकिन वर्दी के धौंस के आगे उसकी एक भी अर्जी नहीं चली. वर्दीधारियों का बूट तबतक तक नहीं रूका, जबतक लवहर की जान उसके शरीर से नहीं निकल गई. ग्रामीणों का आरोप है कि जाते-जाते वर्दीधारियों ने चेतावनी भी दी. इससे माहौल और बिगड़ गया. इसका असर देर रात तक सड़कों पर दिखा.
पुलिस की कथित पिटाई से मृत युवक के शव को दंडाधिकारी के देखरेख में चिकत्सकों के दल ने पोस्टमार्टम किया. नगर थानाध्यक्ष श्रीराम सिंह ने बताया कि वरीय पदाधिकारियों के निर्देश पर शव को पोस्टर्माटम कराया गया. पोस्टमार्टम की पूरी प्रक्रिया वीडियोग्राफी के बीच की गयी. इसके मृतक लहवर बीन के शव के पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट जारी हुए शव को ले जाने से इंकार कर दिया. हालांकि बाद में पोस्टर्माटम रिपोर्ट मिल जाने के बाद शव को उसके पैतृक गांव ले जाया गया. नगर थाना पुलिस के निगरानी में शव को उसके पैतृक गांव के लिए भेजा गया.
