बेतिया : शहरी क्षेत्र में पूर्व की विद्युत व्यवस्था भीषण गर्मी के आरंभ में ही चरमरा गयी है. सुबह-शाम अथवा देर रात बिजली गुल होना विद्युत विभाग के रूटीन में शामिल है. हद तो यह कि किसी भी समय घंटों बिजली गायब हो जा रही है. जबकि प्राय: लो-वोल्टेज के कारण शहरवासी त्रस्त हैं. इसको लेकर उपभोक्ताओं में रोष कायम है.
सुबह-शाम गुल हो रही बिजली
बेतिया : शहरी क्षेत्र में पूर्व की विद्युत व्यवस्था भीषण गर्मी के आरंभ में ही चरमरा गयी है. सुबह-शाम अथवा देर रात बिजली गुल होना विद्युत विभाग के रूटीन में शामिल है. हद तो यह कि किसी भी समय घंटों बिजली गायब हो जा रही है. जबकि प्राय: लो-वोल्टेज के कारण शहरवासी त्रस्त हैं. इसको […]

उपभोक्ताओं का कहना है कि विद्युत विभाग की पूर्व की आपूर्ति व्यवस्था बेहतर रही है. जबकि वर्तमान में किसी भी समय घंटों बिजली गायब हो जा रही है. इधर जब से गर्मी ने दस्तक दी है, तब से विद्युत विभाग की आपूर्ति व्यवस्था चरमरा गयी है. खासकर सुबह और शाम में सभी लोगों के घरों में नाश्ता व खाना बनाने का समय होता है.
इसी समय में बिजली के गुल हो जाने से गृहणियों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वैसे तो बिजली जब कभी आती भी है तो लो-वोल्टेज की समस्या आम है. इसके चलते कोई कार्य कर पाना संभव नहीं हो पाता. छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही है. ऐसे कामगारों का कार्य प्रभावित हो रहे हैं, जिनका पेशा बिजली पर ही निर्भर है.
वहीं मोटर पंप के सहारे पानी चढ़ाना संभव नहीं हो पाता. कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि पूर्व में बेहतर आपूर्ति व्यवस्था को देखकर कई निजी जेनरेटर की दुकानें बंद हो गयी थीं. लेकिन भीषण गर्मी के आरंभ में बिजली की आंख मिचौली के कारण फिर से निजी जेनरेटर संचालकों के दुकान खुलने लगे हैं. उपभोक्ताओं का कहना है कि भले ही राज्य विद्युत विभाग की ओर से किसी तरह की शिकायतों की सुनवाई के लिए स्थानीय पदाधिकारियों को निर्देश दिये गये हैं. लेकिन इस संबंध में किसी तरह की शिकायतों का निपटारा विभाग की ओर से नहीं की जा रही है.