बकायेदार मिलरों को भी मिला धान कुटाई का आदेश

मोतिहारी : एक तरफ सरकार बकायेदार मिलरों से राशि वसूली के लिए नीलामवाद दर्ज कर वसूली की कारवाई कर रही है. वहीं दूसरी ओर बकायेदार करीब एक दर्जन मिलरों ने विभाग के आंख में धूल झोंक अपना नाम-पता बदल धान कुटाई की अनुमति ले ली है.मामले को लेकर डीएम, आपूर्ति विभाग पटना व संबंधित अधिकारियों […]

मोतिहारी : एक तरफ सरकार बकायेदार मिलरों से राशि वसूली के लिए नीलामवाद दर्ज कर वसूली की कारवाई कर रही है. वहीं दूसरी ओर बकायेदार करीब एक दर्जन मिलरों ने विभाग के आंख में धूल झोंक अपना नाम-पता बदल धान कुटाई की अनुमति ले ली है.मामले को लेकर डीएम, आपूर्ति विभाग पटना व संबंधित अधिकारियों को आवेदन देकर कारवाई की मांग की गयी है.
आवेदनकर्ता गणेश प्रसाद, विरेंद्र प्रसाद आदि ने कहा है कि बकायेदार मिलरों को दुबारा धान कुटाई का लाइसेंस नहीं देना है. लेकिन विभागीय मिलीभगत से करीब एक दर्जन मिलरों को इस तरह का लाइसेंस दिया गया है. ऐसे मिलरों में जिन पर नीलाम वाद दर्ज है वे लोग नाम बदलकर, किरायेनामा का जाली रसीद लगाकर, भाई के नाम पर लाइसेंस दिखाकर धान कुटाई का लाइसेंस लिया गया है. इनमें ढाका के ऐसे मिलर है जिन पर पांच करोड़ का बकायेदार है. इन मिलरों पर सीतामढ़ी, शिवहर और मोतिहारी में मामला दर्ज है. इन लोगों द्वारा प्रदूषण प्रमाण पत्र भी नहीं लिया गया है. केवल आवेदन के आधार पर कार्य किया जा रहा है. इपीएफ रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया है. जिला टास्क फोर्स की भी मिलीभगत इन मिलरों को लाइसेंस देने में है जो गहन जांच का विषय है.

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