ठेकेदार को गोली मारने के लिए जेल से मिला ऑर्डर !

दहशत. घटना के 16 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली रडार पर कई शातिर, अपराधियों की टोली में आरोपितों की तलाश चार-पांच बिंदुओं पर पुलिस कर रही मामले की पड़ताल मोतिहारी : शहर में अपराधियों ने फिर फन उठाने की दुस्साहस की है. नगर थाना से महज पांच सौ गज की दूरी पर गुरुवार […]

दहशत. घटना के 16 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली

रडार पर कई शातिर, अपराधियों
की टोली में आरोपितों की तलाश
चार-पांच बिंदुओं पर पुलिस कर
रही मामले की पड़ताल
मोतिहारी : शहर में अपराधियों ने फिर फन उठाने की दुस्साहस की है. नगर थाना से महज पांच सौ गज की दूरी पर गुरुवार सुबह करीब छह बजे जिस कदर अपराधियों ने संवेदक जितेंद्र ठाकुर पर गोलियों की बौछार की, इससे साफ जाहिर होता है कि अपराधियों की टोली पूरी तैयारी में था. अगर उनका रास्ता रोकने की कोई कोशिश करता तो उनको भी नहीं छोड़ते, चाहें वर्दी वाले ही क्यों न होते. वर्दी से उनको थोड़ा भी डर होता तो शायद घटना करने के लिए उस जगह को नहीं चुनते, क्योंकि सुबह के समय गायत्री मंदिर चौक पर काफी चहल-पहल रहती है. गाहे-बगाहे पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टी भी सुबह में गश्त लगाते दिख जाती है. ऐसे में अपराधियों ने संवेदक को गोली मारने के लिए उस जगह का चयन कर दुस्साहस का परिचय दिया है.
इधर घटना के करीब 16 घंटे बाद भी पुलिस कोई ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच पायी है. पुलिस का अनुसंधान कई बिंदुओं पर चल रहा है. पुलिस को सबसे पहला शक जेल में बंद एक खास गिरोह पर है. यह गिरोह संवेदक जितेंद्र ठाकुर को ठेकेदारी में सपोर्ट करने वाले एक बड़े कुख्यात अपराधी का एंटी है. वहीं दूसरा शक ठेकेदारी में पैसे की लेन-देन के विवाद पर भी है. गांधी मैदान में सीएम के कार्यक्रम के लिए बिल्डिंग विभाग द्वारा बैरेकेडिंग के लिए निकाली गयी टेंडर
और उसपर दावेदारी के विवाद की जांच भी पुलिस कर रही है. जानकारी के मुताबिक बैरेकेडिंग का काम जितेंद्र ठाकुर ने एक बड़े ठेकेदार के साथ मिल लिया था. उस समय जितेंद्र पर टेंडर से अलग रहने के लिए दबाव भी बनाया गया था. वहीं बिल्डिंग विभाग में एक अभियंता का साथ देकर एक संवेदक समर्थक पर प्राथमिकी दर्ज कराने के मामले को घटना से जोड़ कर पुलिस देख रही है.
नर्सिंग होम व घटना स्थल पर तैनात रही पुलिस : हमले के बाद घटना स्थल गायत्री मंदिर व रहमानिया नर्सिंग होम के पास कड़ी सुरक्षा दिखी. गायत्री मंदिर के पास दर्जन भर पुलिस जवानों को तैनात किया गया था, जबकि नर्सिंग होम के अंदर व बाहर भी सुरक्षा के तगड़े इंतजाम थे.
ऑपरेशन कर निकाली गयी गोली, हालत स्थिर
संवेदक जितेंद्र ठाकुर का करीब दो घंटे तक ऑपरेशन चला. ऑपरेशन डा तबरेज अजीज द्वारा कर पेट में फंसी गोली को निकाला गया. गोली कीडनी के करीब तक पहुंच गयी थी, महज संयोग था कि गोली कीडनी को नहीं छु सकी. ऑपरेश के बाद जितेंद्र को आइसीयू में रखा गया है. वहीं घायल ऋषि सिंह को परिजन डिस्चार्ज करा ले गये.
मोतिहारी : जिले में ठेकेदारी पर वर्चस्व को लेकर पहले भी बंदूके गरज चुकी है. कई ठेकेदार मारे जा चुके हैं तो कईयों ने अपने सीने पर अपराधियों की गोलियां खायी है. जो बच गया आज मुकाम पर है. पहले टेंडर मैनेज के लिए अपराधियों का सहारा लिया जाता था, लेकिन माहौल बदला तो अपराधियों ने ठेकेदारी में कदम रखा. उसके बाद ठेकेदार व अपराधियों की गंठजोड़ में टेंडर मैनेज होने लगा. एक दशक तक जिले में ठेकेदारी को लेकर हत्या की राजनीति पर बहुत हद तक अंकुश लगा रहा, लेकिन अचानक एक बार फिर से ठेकेदारी विवाद में बंदूके गरजनी शुरू हो गयी हैं. इसकी पुष्टि गायत्री मंदिर के पास ठेकेदार जितेंद्र पर कातिलाना हमले व चकिया में जदयू नेता सह ठेकेदार पप्पु कुशवाहा के भतीजे की हत्या से हो रही है. पूर्व की घटनाओं पर नजर डाले तो एक दशक पहले गायत्री मंदिर के समीप ठेकेदारी विवाद में ही भाजपा नेता सह ठेकेदार रंजन शर्मा की हत्या गोली मार की गयी थी. वहीं बलुआ चौक पर बड़े ठेकेदार रामाकांत सिंह की दुकान में घुस कर की गयी. ठेकेदार ध्रुव सिंह को भी बलुआ सब्जी बाजार में गोली मार दी गयी थी़ संवेदक संघ के जिलाध्यक्ष विनय कुमार मिश्रा, ठेकेदार अजय पटेल, बिल्डिंग विभाग के अभियंता, एक अभियंता की पत्नी की भी हत्या के पीछे ठेकेदारी का विवाद सामने आया था. बेलिसराय मोहल्ला में ठेकेदार मुन्ना मिश्र पर भी ठेकेदारी विवाद में गोली चली थी.
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