49 वर्ष की उम्र में गांधी जी आये थे चंपारण

मोतिहारी : 100 साल पहले आज ही के दिन (15 अप्रैल 1917) को चंपारण के मोतिहारी पहुंचे थे मोहनदास करमचंद्र गांधी. उस समय गांधी जी की उम्र करीब 49 वर्ष थी. जिस वेशभूषा में गांधी जी मोतिहारी पहुंचे थे, उसी वेशभूषा की तसवीर(प्रतिमा) गांधी संग्रहालय परिसर में लगी है. गांधी स्मारक परिसर में बना गांधी […]

मोतिहारी : 100 साल पहले आज ही के दिन (15 अप्रैल 1917) को चंपारण के मोतिहारी पहुंचे थे मोहनदास करमचंद्र गांधी. उस समय गांधी जी की उम्र करीब 49 वर्ष थी. जिस वेशभूषा में गांधी जी मोतिहारी पहुंचे थे, उसी वेशभूषा की तसवीर(प्रतिमा) गांधी संग्रहालय परिसर में लगी है. गांधी स्मारक परिसर में बना गांधी स्मारक भी 49 फीट लंबा है. स्मारक स्तंभ का निर्माण भी गांधी जी के प्रथम चंपारण आगमन के उम्र के हिसाब से किया गया है.
गांधीजी के 49 वर्ष की प्रतिमा का निर्माण उसी वेशभूषा में जिसे पहले आये थे मुंबई के अशोक स्टूडियो में हुआ. मूर्ति निर्माण के आर्किटेक्ट थे ई. नंदलाल बोस. खर्च राशि करीब 27 लाख पूर्व विदेश मंत्री श्यामनंदन मिश्र, धीरूभाई अंबानी द्वारा दी गयी. प्रतिमा निर्माण समिति के सचिव चंद्रभूषण पांडेय थे. प्रतिमा निर्माण के पूर्व श्री मिश्र, श्री अंबानी और श्री पांडेय के बीच तीन दौर की वार्ता हुई. तब प्रतिमा निर्माण को अंतिम रूप दिया जा सका था.
चंपारण सत्याग्रह शताब्दी समारोह के अध्यक्ष चंद्रभूषण पांडेय ने बताया कि गांधीजी नंग-धरंग(सिर्फ धोती) नहीं आये. मूर्ति पर जो मुरेठा व कपड़ा है उसी वेश में आये और पूर्वी चंपारण के करीब 18 गांवों का दौरा कर तीन कठिया कानून व किसानों की परेशानी का अध्ययन किया. मूर्ति का अनावरण तत्कालीन राज्यपाल गोपाल कृष्ण गांधी द्वारा किया गया, जहां पूर्व विदेश मंत्री श्यामनंदन मिर की पुत्री के अलावा कई गणमान्य लोग मौजूद थे.

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