पकड़ीदयाल : चकिया-घोड़ासहन रेलमार्ग के निर्माण हेतु हर्ष समिति का गठन हुआ है. पहले बैठक में संघर्ष समिति के सदस्यों ने यह निर्णय लिया है कि रेलमार्ग के निर्माण पूरा होने तक वे लोग संघर्ष करेंगे. समिति के सदस्य किरन कुमार ने बताया कि उक्त रेलमार्ग का सर्वे भी हो चुका है. सबसे पहले स्वर्गीय रमापति ठाकुर ने जनता पार्टी की सरकार में उक्त रेलमार्ग की मांग सदन में उठाई थी. इस पर बात आगे बढ़ी. लेकिन रेलवे मार्ग नहीं बन सका.
तत्कालीन रेलवे मंत्री लालू प्रसाद यादव ने चोरमा में हजारों लोगों के बीच यह घोषणा की कि चकिया से घोड़ासहन तक रेलमार्ग बनेगा. जानकारों के अनुसार रेलवे ने इस का सर्वे भी कराया, फिर भी बात आगे नहीं बढ़ी. अब संघर्ष समिति ने यह बीड़ा उठाया है कि वह हस्ताक्षर अभियान चलाकर तथा संबंधित नेताओं से मिलकर अपनी मांगों को पूरा करने का अनुरोध करेंगे. संघर्ष समिति के सदस्यो ने कहा कि इस रेलवे मार्ग में बहुत ही कम पुल -पुलिया का की जरूरत पड़ेगी, जिससे निर्माण पर कम लागत आएगी. यह रेलमार्ग नेपाल को सीधे जोड़ने वाली सबसे सुगम मार्ग होगी.
अगर यह रेलमार्ग बन जाता है तो ढाका, घोड़ासहन, चिरैया, शिकारगंज ,धनौजी ,पकड़ीदयाल पताही,शेखपुरवा,चोरमा के लोगों को सुविधा मिलेगी. बता दें कि इस क्षेत्र से नजदीकी रेलवे स्टेशन की दूरी कम से कम 20 किलोमीटर है. पताही और पचपकड़ी की बात की जाए तो यह दूरी बढ़कर 40 किलोमीटर हो जाती है. क्षेत्र के लोगों को बाहर जाने के लिए मोतिहारी, चकिया तथा मुजफ्फरपुर स्टेशन जाकर गाड़ी पकड़नी होती है. बताया कि हस्ताक्षर अभियान चलाकर रेल मंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को अपनी मांगों से अवगत कराएंगे. मौके पर मुरारी प्रसाद, मनीष यादव, सुनील स्वामी, नागेंद्र सिंह, अमानुल्लाह नूर हसन अंसारी, सफी अहमद, किरण कुमार, प्रियरंजन शर्मा, सुभाष कुमार, शिवजी प्रसाद गुप्ता सहित सैकड़ों लोग उपस्थित थे.
