मोतिहारी : गांधीजी के आगमन के चलते आज चंद्रहियां गांव के निवासी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. लोगों का मानना है कि गांधीजी की वजह से आज इस गांव का कायाकल्प हो गया है. हर मामले में विकास हो रहा है. ग्रामीणों से इस संबंध में पूछा गया तो कुछ लोगों ने अपनी राय दी.
जगत किशोर तिवारी : गांधीजी के चरण इस गांव की धरती पर पड़े और आज हम लोग गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं. उसी के बदौलत हमारे गांव का चौमुखी विकास हो रहा है. भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री राधामोहन सिंह ने इस गांव को गोद लिया. किसानों के पटवन के लिए सोलर पम्प, मछली पालन के लिए तालाब का निर्माण, स्कूल में आरओ शेड, बालिकाओं के स्किल डेवलपमेंट के लिए चालिस सिलाई मशीन का वितरण हुआ. इसका मुख्य कारण गांधी जी का पावऩ भूमि होना है. उन्होंने कहा कि काश हर वर्ष ऐसे ही कार्यक्रम का आयोजन होता.
रवींद्र प्रसाद : हमे गर्व है इस गांव पर जहां से गांधी जी ने देश को आजाद करने के लिए चंपारण सत्याग्रह का बिगुल फूका.
शंकर दास : हमें खुशी हो रही है कि हमारे गांव से ही गांधीजी ने देश को आजाद करने के लिए नींव रखी और सफल भी रहे.
कृष्णा राय, माली सह चौकीदार : गांधीजी के यहां आगमन की देन है जो आज यह धरती राष्ट्रीय स्तर पर विख्यात हुई है. हमें यह सौभाग्य मिला है कि हम यहां माली के रूप में कार्य कर रहे हैं. इस तरह के आयोजन बराबर होना चाहिए.
