रूपेश का फुफेरा भाई है उसकी पत्नी का आशिक
शादी के पहले से दोनों के बीच चल रहा था प्रेम
तीन नामजद व दो अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी
एक आरोपित समेत चार हिरासत में
अरेराज : गोविंदगंज के बहला गांव निवासी रूपेश ठाकुर की हत्या उसकी पत्नी के आशिक ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर की है. रूपेश की हत्या की साक्ष्य मिटाने के लिए हत्यारों ने उसके भाई कमलेश ठाकुर को भी मौत के घाट उतार दिया. रूपेश की पत्नी से जिस युवक का प्रेम-प्रसंग था, वह रूपेश का सगा फुफेरा भाई भी है. घटना को लेकर रूपेश के पिता ने विनोद ठाकुर ने पहाड़पुर थाना में आवेदन देकर पतोहू के आशिक मलाही के तेजपुरवा गांव निवासी पप्पु ठाकुर के अलावे विवेक ठाकुर व पहाड़पुर राजकररिया के संतोष ठाकुर पर प्राथमिकी दर्ज करायी है. वहीं दो अज्ञात को भी आरोपित किया है. आरोपी संतोष सिंह रिश्ते में रूपेश का साला लगता है. अरेराज डीएसपी नुरूल हक ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी की जा रही है.
सभी आरोपी घर छोड़ फरार है. चार लोगों को शक के आधार पर हिरासत में लिया गया है. उसमें एक आरोपी भी है. सभी से पूछताछ चल रही है. इधर जानकारी के अनुसार, रूपेश की पत्नी व पप्पु ठाकुर के बीच शादी से पहले से प्रेम प्रसंग चल रहा था. एक साल पहले रूपेश की शादी उससे हुई.बताया जाता है कि चार महिना पहले भी रूपेश को जान से मारने का प्रयास किया गया था.उस वक्त बहाली के नाम पर रूपेश को मुजफ्फरपुर में बुला कर हत्या की साजिश रची गयी थी,लेकिन ऐन वक्त पर रूपेश के एक दोस्त ने उसको मुजफ्फरपुर जाने से रोक दिया. कहा कि बहाली कैन्सिल हो गयी है,
लेकिन दुसरी बार की साजिश में हत्यारे कामयाब हो गये और एक साथ दोनों भाईयों की जान ले ली.
रूपेश की पत्नी ने मोबाइल गुम होने का बनाया बहाना: रूपेश व कमलेश की हत्या के बाद पुलिस ने शक के आधार पर उसकी पत्नी से पूछताछ की और उसका मोबाइल मांगा तो जवाब सुनकर पुलिस का शक यकीन में बदलता चला गया. रूपेश की पत्नी ने पुलिस को बताया कि उसका मोबाइल कही गुम हो गया है. उसके मोबाइल का सीडीआर निकाला गया तो रविवार की सुबह तक कई नंबरों से बातचीत का सबूत मिला. पुलिस का कहना है कि उसने हत्यारों से बातचीत के बाद अपना मोबाइल कही फेंक दिया है.
