शिवहर िनवासी दीनानाथ के आइडी पर निकाली थी सिम

खुलासा. सिम से जुड़ा हो सकता है सुनील हत्याकांड का राज मधुबन : भूषण एचपी गैस एजेंसी के संचालक आमोद कुमार पप्पू से जिस नंबर से रंगदारी मांगी गयी है.वह नंबर बंजरिया गांव के सुनील पंडित ने फर्जी आइडी पर शिवहर पुरनहिया थाने के बसंत पट्टी गांव के दीनानाथ कुमार के नाम पर खरीदा है.दीनानाथ […]

खुलासा. सिम से जुड़ा हो सकता है सुनील हत्याकांड का राज

मधुबन : भूषण एचपी गैस एजेंसी के संचालक आमोद कुमार पप्पू से जिस नंबर से रंगदारी मांगी गयी है.वह नंबर बंजरिया गांव के सुनील पंडित ने फर्जी आइडी पर शिवहर पुरनहिया थाने के बसंत पट्टी गांव के दीनानाथ कुमार के नाम पर खरीदा है.दीनानाथ फिलहाल चिमनी में शिवहर साईड में मजदूरी करता है.जिसका खुलासा पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान में किया है.
सुनील पंडित ने दीनानाथ के फोटो और वोटर आइडी पर रंगदारी में प्रयुक्त नंबर 7323084375 और एक दूसरा नंबर 7323087345 खरीदा था.सिम पर मोबाईल नंबर 9508914865 को भेरीफिकेशन के लिये दिया था.वह नंबर सुनील के चाची जयकली देवी के नाम से आवंटित है.जिसका उपयोग सुनील पंडित करता था.सुनील पंडित की हत्या पिछले वर्ष 8 नवम्बर में कर दी गयी थी.जिसका शव पुलिस ने 14 नवम्बर को पूर्वीचम्पारण और शिवहर के सीमा पर बंजरिया जंगल के पास से बरामद किया था.
सुनील पंडित की हत्या को लेकर उसके पिता ने शिवहर के जिम्मी सिंह टोले के कई लोगो पर प्रेम प्रसंग में हत्या कर देने का आरोप लगाया था.सुनील की हत्या के पूर्व उसके मोबाईल में 9508914865 और 7323087345 मोबाईल का इस्तमाल हुआ है.फिर दूसरा नंबर सन्नी सिंह के पास कैसे पहुंचा इसकी पड़ताल वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है.अपराधियों का सुनील पंडित से कैसा कनेक्शन था.उसकी हत्या के पीछे के दफन राज को भी पुलिस खंगालने में जुट गयी है.
पकड़ीदयाल एएसपी विजय कुमार ने बताया कि वैज्ञानिक आधार पर इसकी जांच की जा रही है.दो सिम 14 जून को जब एक्टीवेट हुआ.उसके बाद से किन-किन नंबरो में प्रयुक्त किया गया है.इसके अलावे जिस नंबर से रंगदारी मांगी गयी है.उस नंबर को भी सुनील पंडित द्वारा कई बार अपने सेलफोन में इस्तामाल किया गया.जो मोबाईल वह हमेशा प्रयोग करता था.
सुनील पंडित हत्याकांड के राज राज का सच अब आयेगा सामने
दूसरे का नाम पर निकला सिम अपराधियों ने इस्तमाल किया.पिछले वर्ष संदिग्ध स्थिति सुनील की लाश का मिलना अब शक की सूई दूसरे तरफ घूम गयी है.एएसपी विजय कुमार ने कहा कि हो सकता है.अपराधियों का सुनील पंडित से बेहतर संबंध रहे हो या अपराधियों के किसी राज के बारे जानता रहा हो.अपराधी भी उसी गांव है.कहा कि सन्नी सिंह और उसके साथी 22 अक्टूबर को जेल से आये थे.उसके बाद सुनील पंडित की हत्या हुई.जिसमें सन्नी सिंह और उसके साथियों के संलिप्तता की भी जांच की जा रही है.हत्या के बाद सुनील पंडित द्वारा प्रयोग किया जाने वाला नंबर और सेट दोनो गायब हो गया था.

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