घोड़ासहन : शनिवार अहले सुबह लगभग दो बजे से हुए बारिश व ओलावृष्टि से प्रखंड क्षेत्र के किसानों को भारी क्षति हुआ है. सबसे अधिक क्षति सीमावर्ती क्षेत्र के दो पंचायतों बिसुनपुर तथा झरौखर पंचायत का हुआ है. जहां सैकड़ो एकड़ में लगे गेहूं , मक्का, मट्टर, तथा अन्य फसलों के साथ-साथ हजारों आम के […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
घोड़ासहन : शनिवार अहले सुबह लगभग दो बजे से हुए बारिश व ओलावृष्टि से प्रखंड क्षेत्र के किसानों को भारी क्षति हुआ है. सबसे अधिक क्षति सीमावर्ती क्षेत्र के दो पंचायतों बिसुनपुर तथा झरौखर पंचायत का हुआ है. जहां सैकड़ो एकड़ में लगे गेहूं , मक्का, मट्टर, तथा अन्य फसलों के साथ-साथ हजारों आम के पेड़ों में लगे मंजर को भी भारी नुकसान पहुंचा है. बीइओ शिलानाथ झा ने बताया की ओला से सबसे अधिक क्षति बिसुनपुर तथा झरोखर पंचायात में 15 से 17 प्रतिशत की क्षति हुई है, जबकि इसके पूर्व 11 मार्च को ओला गिरने से हुई 10 प्रतिशत की क्षति का रिपोर्ट जिला को पहले ही भेजा जा चूका है.
सभी किसान सलाहकारो को फसल क्षति का आकलन करने का निर्देश दिया गया है..
नहीं होगी दलहन की पैदावार: रक्सौल : पिछले 15 दिनों में तीन बार मुसलाधार बारिश के साथ भारी मात्रा में ओला वृष्टि से दलहन के पैदावार पर ग्रहण लग गया है. बारिश व ओला वृष्टि से दलहन का फसल पीला होकर बैठने लगा है. जिससे किसान परेशान है कि इस बार फिर से दलहन का उपज नहीं हो पाएगा. जोकियारी पैक्स अध्यक्ष अरविन्द कुमार सिंह का कहना है कि किसानो के इस छति के आकलन के लिए सरकार को कमिटि बहाल कर जांच करानी चाहिए. उसके बाद किसनो के नुकसान के लिए मुआवजा मिल सके. भेलाही पैक्स अध्यक्ष अजय पटेल का भी यही कहना है कि किसानो को छति के भारपायी के लिए सरकार प्रभावी कदम उठाये. किसान सह पूर्व मुखिया ईश्वरी लाल का कहना है कि एक बार फिर असमय बारिश से किसान परेशान हो गए है. दलहन का पैदावार लगभग शून्य हो गया.