शराबबंदी पर आलाधिकारियों की बैठक
बैठक करते डीआइजी गोपाल प्रसाद व एसपी जितेंद्र राणा ़
शराब व अपराध की रोकथाम महत्वपूर्ण निर्णय
शराब जब्ती में जिले को मिली दूसरी रैंक
शराब होम डिलेवरी पर प्रशासन की नजर
शराब तस्करों पर निगरानी के लिए बना प्लान
मोतिहारी : पूर्वी चंपारण शराब कारोबारियों व पियक्कड़ों की गिरफ्तारी में नंबर वन रैंक पर है, जबकि शराब जब्ती में दुसरे पायदान पर है. जिला व पुलिस प्रशासन की संयुक्त बैठक में अधिकारियों ने जिले की रैंकिंग को सार्वजनिक किया. वहीं शराब जब्ती में प्रथम स्थान लाने के लिए पदाधिकारियों को कई बिंदुओं पर आवश्यक निर्देश दिया. एसपी कार्यालय परिसर स्थित सभा भवन में रविवार को आयोजित बैठक विधि व्यवस्था, नशा मुक्ति व अपराध की रोकथान पर केंद्रित रहा. टारगेट पर शराब की होम डिलेवरी करने वाले, दूसरे परदेश व नेपाल से शराब की तस्करी से जुड़े धंधेबाज रहे.
इस बैठक को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चेतना सभा में शराब बंदी पर हंुकार को लेकर महत्वपूर्ण माना जा रहा है. बैठक में चंपारण रेंज के डीआइजी गोपाल प्रसाद, जिलाधिकारी अनुपम कुमार व एसपी जितेंद्र राणा के अलावे सभी एसडीओ, डीएसपी व थानाध्यक्ष मौजूद थे. अधिकारी सूत्रों की माने तो बैठक में शराब कारोबारियों व पियक्कड़ों सहित फरार अपराधियों की धरपकड़ के लिए एक सप्ताह तक स्पेशल ड्राइव चलाने का निर्णय लिया गया. इस दौरान अधिक से अधिक मात्रा में शराब जब्ती व गिरफ्तारी का टास्क थानाध्यक्षों को सौंपा गया. एसपी जितेंद्र राणा ने बताया कि स्पेशलड्राइव की समीक्षा होगी.
उसमें बेहतर करने वाले पदाधिकारियों को पुरस्कृत किया जायेगा.
अपराध होने पर थानाध्यक्षों की खैर नहीं : बैठक में आपराधिक घटनाओं की समीक्षा की गयी. उसमें लूट व चोरी की घटनाओं में वृद्धि पायी गयी. डीआइजी व एसपी ने थानाध्यक्षों को स्पष्ट करते हुए कहा कि जिस थाना क्षेत्र में अपराध की पुर्नावृति हुई तो वहां के थानाध्यक्षों पर कार्रवाई होनी तय है. चोरी,लूट,डकैती व रंगदारी जैसे घटनाओं की रोकथाम के लिए मास्टर प्लान बनाया गया. अधिकारियों ने कहा कि इसके लिए जमानत पर छुटे अपराधियों पर विशेष निगरानी करे. शराब बंदी व अपराध की रोकथाम में कोताही कतई बर्दास्त नहीं किया जायेगा.
