सीमा पर शहीद हुये बीएसएफ के हेड कांस्टेबल जितेंद्र सिंह का पैतृक गांव सिसवा में होगा अंतिम संस्कार
रक्सौल : सीमा पर शहीद हुये बीएसएफ के हेड कांस्टेबल जितेंद्र सिंह का पार्थिव शरीर शनिवार की सुबह पांच से छह बजे के बीच रक्सौल पहुंचेगा. जिला प्रशासन की ओर से अंतिम विदाई की तैयारियां की गयी हैं. शहीद के शव को अंतिम दर्शन के लिए नगर में घुमाया जायेगा. इसके शहीद का पार्थिव शरीर […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
रक्सौल : सीमा पर शहीद हुये बीएसएफ के हेड कांस्टेबल जितेंद्र सिंह का पार्थिव शरीर शनिवार की सुबह पांच से छह बजे के बीच रक्सौल पहुंचेगा. जिला प्रशासन की ओर से अंतिम विदाई की तैयारियां की गयी हैं. शहीद के शव को अंतिम दर्शन के लिए नगर में घुमाया जायेगा. इसके शहीद का पार्थिव शरीर मौजे मोहल्ला स्थित उनके आवास पर पहुंचेगा. इस दौरान उनके आवास के पास 10 मिनट के लिए उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए रखा जायेगा. ये जानकारी एसडीओ श्रीप्रकाश ने दी.
उन्होंने कहा कि अंतिम दर्शन के बाद शहीद के शव को उनके पैतृक गांव सिसवा ले जाया जायेगा, जहां उनके चचेरे भाई नितेश सिंह के दरवाजे पर अंतिम दर्शन के लिए रखा जायेगा. इसके बाद यहीं से उनके अंतिम यात्र निकलेगी और तिलावे घाट पर राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जायेगा. इस दौरान उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जायेगा. इसके लिए एनडीआरएफ की टीम के साथ जिला पुलिस की टीम सीसवा पहुंचेगी.
बच्चों की परवरिश के लिए पत्नी को मिले नौकरी
एसडीओ ने बताया कि इस दौरान जिलाधिकारी अनुपम कुमार व एसपी जितेंद्र राणा भी मौजूद रहेंगे. उन्होंने कहा कि अनुमंडल प्रशासन अपने तरफ से सभी तरह की व्यवस्था कर रहा है. हालांकि शहीद के परजिन स्वयं भी व्यवस्था कर रहे हैं. अनुमंडल प्रशासन शहीद के परजिन के संपर्क में है. इधर, पूरे रक्सौल अपने लाल के अंतिम दर्शन के इंतजार में है. इधर, जितेंद्र सिंह के साथी भोला कुमार, अशोक मधुकर आदि का कहना था कि उनकी शहादत के बाद भी केंद्र व राज्य सरकार की ओर से किसी तरह की घोषणा नहीं की गयी है. स्थानीय लोगों का कहना है कि शहीद जितेंद्र के नाम पर पार्क निर्माण व सड़क का नामकरण होना चाहिए, जबकि मोहल्ले के लोगों का कहना है कि बच्चों की परवरिश के लिए उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिये.