सड़क-बिजली की मांग को ले एनएच जाम
सड़क पर उड़ने वाली धूल व बिजली की समस्या को लेकर नवका टोला के ग्रामीणों ने गुरुवार को चार घंटे तक एनएच जाम कर प्रदर्शन किया. इसके साथ ही प्रशासन को दो दिनों का समय भी दिया कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं होती है, तो इसके लिए व्यापक आंदोलन किया जायेगा.
रक्सौल : थाना क्षेत्र के गम्हरीया चौक से सटे नवका टोला के ग्रामीणों ने गुरुवार को सड़क और बिजली की मांग को लेकर एनएच-28 ए को करीब चार घंटे से अधिक समय तक जाम कर अपना विरोध जताया. सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगाें का आरोप था कि विगत छह माह से अधिक वक्त से सड़क निर्माण कर रही कंपनी के द्वारा रोड पर मिट्टी गिरा कर छोड़ दिया गया है. इन दिनों जब तेज हवाएं चल रही हैं तो मिट्टी उड़ रहा है, जिसके कारण घर में रहना मुश्किल हो गया है. दिन में धूल के कारण सड़क पर कुछ भी दिखायी नहीं दे रहा है.
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीण गूडन अंसारी, सौहेल अंसारी, लालबाबू मियां, केदार उर्फ शंभू प्रसाद, एनामुल्लाह आलम, नुरूल्लाह अंसारी, तबरेज आलम का कहना था कि अगर दो दिनों के अंदर हमारी मांग पूरी नहीं होती है तो आंदोलन को तेज किया जायेगा. प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि आंदोलन के अगले चरण में हमलोग बिजली के पोल व तार को ध्वस्त कर देंगे, क्योंकि विभाग बिजली दे ही नहीं रही है तो अपना पोल खंभा लेकर जाये.
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर दर्जनों बार मौखिक तो कई बार लिखित आवेदन बिजली ऑफिस को दिया गया है. इसके बाद भी किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई है.
विद्युत सहायक कार्यपालक अभियंता चंद्रकांता नायक ने बताया कि हमलोग मामले को देख रहे हैं. तकनीकी पहलुओं की जांच करने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है. यहां बता दे कि करीब छह माह पूर्व भी गम्हरीया के ग्रामीणाें ने इसके लिए प्रदर्शन किया था. इधर चार घंटे तक एनएच जाम रहने के कारण रक्सौल से आमोदेई तक सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गयी थी. इधर, छह घंटे एनएच जाम रहने के बाद भी पुलिस की टीम प्रदर्शन स्थल पर नहीं पहुंची. जबकि प्रदर्शनकारियों के द्वारा इसकी सूचना स्थानीय थाना सहित अन्य अधिकारियों को दी गयी थी.
बिजली की अनियमित आपूर्ति का आरोप
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि रक्सौल पावर ग्रिड हमारे गांव से 500 से भी कम मीटर पर स्थित है. इसके बाद भी हमारे गांव को बिजली रक्सौल फीडर से नहीं रामगढ़वा फीडर से दी जाती है. इसके कारण इन दिनों 24 घंटों में दो से चार घंटे ही बिजली की आपूर्ति मिलती है. ऐसे में दैनिक कार्य को भी लोग संपन्न नहीं करा पाते हैं. बच्चों को पढ़ने में दिक्कत तो होती है, यह है कि मोबाइल फोन भी चार्ज नहीं हो पाता है.
