मोतिहारी : मनुष्य को भीषणतम वितियों के निवारण तथा सर्वविद्य संपत्ति एश्वर्य व शांति के लिए भगवती की कृपा सप्तशती पाठ या श्रवण के द्वारा सहज ही प्राप्त किया जा सकता है. वेदाचार्य पं सुशील कुमार पांडे ने बताया कि इस वर्ष चैत्र नवरात्र का आरंभ शुक्लपक्ष प्रतिपदा आठ अप्रैल से हो रहा है.
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त : नवरात्र में कलश स्थापना के लिए आठ अप्रैल शुक्रवार को अभिजिन्मुहूर्त ऋषिकेश पंचांग के अनुसार दिन में 11.35 से 12.25 तक, विश्व पंचांग के अनुसार 11.36 से 12.25 तक, महावीर पंचांग के अनुसार 11.36 से 12.24 तक प्रशस्त है. इस दिन प्रतिपदा तिथि में प्रात: 5.46 से दोपहर 2.26 तक कलश स्थापना करना भी शास्त्र सम्मत है. श्री पांडे के अनुसार चैत्र वासंतिक नवरात्र में संपूर्ण मनोरथ पूर्ण होता है.
