रक्सौल : भले ही जिलाप्रशासन किसानों के एलपीसी बनाने व बाइपास रोड़ बनावने के लिए सख्त तेवर अपनाये हुये हो. लेकिन बरसों से किसानों को परेशान करने वाले कर्मचारियों पर सख्ती का कोई असर नहीं दिख रहा है.
सड़क निर्माण में किसान अब भी अपने एलपीसी को बनवाने के लिए मारे फिर रहे है और कर्मचारी उन्हे परेशान कर रहे है. वहीं सीओ किसानों की समस्या सुलझाने के बदले झुठ का सहारा ले कह रहे थे कि मेरे पास कोई किसान आया ही नही था. जबकि किसान प्रभात खबर को फोन कर बता रहे थे हमलोग सीओ ऑफिस के गेट पर खड़े हैं. आवेदन लेने से इंकार किया जा रहा है.
क्या है मामला
कनना मौजे गांव के लगभग 30 किसान शनिवार के दिन लगभग 2 बजे अंचल कार्यालय पहुंचे. तब सीओ के कार्यालय में सीओ हेमेन्द्र कुमार के अलावे कर्मचारी शंभू जयसवाल मौजूद थे. किसानों ने अपने-अपने जमीन का एलपीसी बनवाने के लिए आवेदन दिया. कर्मचारी शंभू जयसवाल ने कहा कि अब समय समाप्त हो गया है.
आज आवेदन नहीं लिया जायेगा. सोमवार को आइयेगा. किसानों ने जब उनसे आवेदन ले लेने की गुजारिश की तो उन्होने कहा कि आरटीपीएस का कम्प्युटर आवेदन लेगा ही नहीं. किसान उसके बाद आरटीपीएस काउंटर पर गये, वहां भी आवेदन लेने से इंकार कर दिया गया. किसान एलपीसी बनवाने के लिए पहले से परेशान थे. पहले भी आवेदन दिया था. लेकिन एलपीसी नहीं बना था. किसानों ने शुक्रवार को तांतिया कंसट्रक्शन द्वारा एनएच 28 से शुरू होने वाले बाइपास से कुछ ही दूर आगे पर किये जा रहे काम को रोक दिया.
तब तांतिया के अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि समस्या समाधान के लिए आपसे अनुमंडल के अधिकारी मिलेगें. शनिवार के दिन किसानों को बताया गया कि जिलाधिकारी स्थल निरीक्षण के लिए आ रहे है. आप अपनी समस्या को रखीयेगा. जिलाधिकारी से अपनी फरीयाद सुनाने के लिए किसान सड़क पर खड़ा थे.
किसान पहुंचे अनुमंडल
लगभग 2 बजकर 52 मिनट पर किसान मशहुद अंसारी के नंबर पर फोन कर जब उनका पक्ष जानने की कोशिश की गयी तो उन्होने कहा कि हमलोग सीओ कार्यालय के सामने खड़े है. सीओ द्वारा आवेदन लेने से इंकार कर दिया गया है.
2:54 बजे जब सीओ के सरकारी नंबर पर फोन किया गया तो सीओ ने कहा कि एक भी किसान ऐसे नहीं है, जिनका आवेदन नहीं लिया गया. जिनलोगों का आप नाम बता रहे है वे लोग न तो हमारे कार्यालय आये थे और ना ही हमारे कार्यालय के बाहर खड़े है. 2 बजकर 58 मिनट पर प्रभात खबर की टीम अंचल कार्यालय पहुंची तो लगभग 15 किसान सीओ कार्यालय के ठिक बाहर खड़े थे.
सभी किसानों ने बारी-बारी से एक ही बात कहीं एलपीसी नहीं बनाया जा रहा है, सीओ द्वारा आवेदन लौटा दिया गया है. अंदर जाने पर सीओ ने फिर से कहा एक भी आदमी ऐसे नहीं आये थे, जिनका आवेदन नहीं लिया गया है.
हमलोग बिना आरटीपीएस कराये एलपीसी बना रहे है. डीएम साहब का आदेश है. इतने में सभी किसान अंदर आये और सीओ से कहने लगे कि आपके सामने हम सभी लोग आकर अपना आवेदन दिये हैं, हमलोगों का आवेदन लौटा दिया गया है. तब सीओ बात घुमाने की कोशिश करने लगे व किसानों का आवेदन ले लिया.
