मोतिहारी : नो डय़ूज की मांग को लेकर मोतिहारी इंजीनियरिंग कॉलेज के फ ाइनल इयर के छात्रों ने गुरूवार को जम कर बवाल काटा़ आक्रोशित छात्रों ने प्राचार्य डा एके मिश्र को लगभग 45 मिनट तक उनके कार्यालय में बंधक बनाये रखा एवं कॉलेज के लाईन को काट दिया़ सूचना पर पुलिस बल के
साथ पहुंचे बीडीओ अश्विनी कुमार ने छात्रों की समस्याओं को सुना़ बीडीओ श्री कुमार के पहल पर छात्रों ने प्राचार्य को कार्यालय को खोला़ उन्होंने छात्रों के मांग को जायज बताते हुए छात्रों को नो डय़ूज देने का निर्देश दिया़
हालांकि प्राचार्य ने कॉलेज कर्मियों के अनुपस्थिति समस्या सामने रखी़ बावजूद इसके बीडीओ ने हर हाल में कर्मियों को बुला कर नो ड्यूज प्रमाण पत्र देने का निर्देश दिया़ बीडीओ ने प्राचार्य को इसका जिम्मेवार ठहराया़ वहीं आक्रोशित छात्र संजीव कुमार,
सिकंदर, राहुल, राकेश, धर्मेद्र, विकास, अजीत, आनंद राज, संतोष, अरविंद, मनीष, अमीत, रविकांत राज, हरिओम, गौरव, नवीन आदि ने बताया कि हमलोगों की पढाई पूरी हो चुकी है़ हमलोग छात्रवास छोड चुके है़ बावजूद इसके कॉलेज प्रशासन द्वारा नो डय़ूज नहीं दिया जा रहा है़ छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर उन्हें तंग करने का आरोप लगाया़ इस संबंध में कॉलेज के प्राचार्य डा एके मिश्र ने बताया कि छात्र हॉस्टल चार्ज नहीं देना चाह रहे है़ कॉलेज में नो डय़ूज देनेवाला कर्मी राधा रमण अनुपस्थित है, जिसके कारण नो डय़ूज देने में परेशानी हो रही है़
मोतिहारी : न्यायालय परिसर में उस समय अजीबो-गरीब स्थिति उत्पन्न हो गयी, जब अपहरण के एक मामले में पुलिस ने एक महिला को 164 का बयान कराने न्यायालय में पेश किया़ इस दौरान सौ की संख्या में पुरुष व महिलाओं ने अनुसंधानकर्ता और महिला कांस्टेबल को न्यायालय परिसर में ही घेर लिया़ महिलाएं पुलिस पर अभियुक्त को छुपाने का आरोप लगा रही थी़
इस दौरान न्यायालय परिसर में अफ रातफ री की स्थिति हो गयी़ कार्य कुछ देर के लिए बाधित रहा़ बाहर के हंगामे के कारण न्यायाधीश भी न्यायिक कार्य करने के असहज महसूस किय़े डेढ़ घंटा तक पुलिस व महिला कांस्टेबल को लोगों ने घेरे रखा़ हंगामा करनेवाले पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की व अभियुक्त को पकड़ने की मांग कर रहे थ़े
सूचना पर न्यायालय परिसर में तैनात सुरक्षा गार्ड व नगर इंस्पेक्टर अजय कुमार, छतौनी इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सदलबल पहुंचे व मामला को शांत कराया़ बताया जाता है कि मुफ स्सिल थाना कांड संख्या 150/15 की पीड़िता को सदर अस्पताल के न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय में अनुसंधानकर्ता संजय स्वरूप व महिला कांस्टेबल ने बयान कराने के लिए प्रस्तुत किया.
इसी दौरान पीड़िता के पक्ष में लोग पहुंच कर हंगामा करने लग़े मामला शांत होने के बाद कोर्ट परिसर की स्थिति सामान्य हुई़ उधर, कोर्ट परिसर में हंगामा को लेकर और पुलिस अधिकारियों के साथ हाथापाई को लेकर मुस्सिल थाना के दरोगा संजय स्वरूप के बयान पर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. दर्ज प्राथमिकी में 23 नामजद व 250 अज्ञात को आरोपित किया गया है. मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
