मोतिहारी : तुरकौलिया के खगनी में अशर्फी महतो व जुमन मियां की हत्या का सौदा ढाई लाख में हुआ था़ हत्या की सुपारी देने वाला रामगढ़वा के अधकपड़िया गांव का शेख अमरूल्लाह, शेख सफिउल्लाह, शेख ऐनुल्लाह व शेख मजबुल्लाह है़
ये चारों सगे भाई हैं इनसे अशर्फी महतो का जमीन विवाद चल रहा था़ अशर्फी के 12 कट्ठा जमीन पर इनका कब्जा था़ उस जमीन को अशर्फी अपने जिगरी दोस्त जुमन मियां से बेचने वाला था़
इस कारण चारों भाइयों ने मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची थी़ इस बात का खुलासा गिरफ्तार कलिमुहल्ला ने किया है़ उसने हत्याकांड में मास्टर माइंड की भूमिका निभायी है़
एसपी सुनील कुमार ने बताया कि डबल मर्डर केस का खुलासा कर लिया गया है़ हत्या की घटना को अंजाम देने वाले सभी अपराधियों की पहचान हो चुकी है़ उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है़ उन्होंने बताया कि गिरफ्तार करिमुल्लाह शातिर अपराधी है़ उसके खिलाफ पश्चिमी चंपारण के मझौलिया थाना में 26/13 हत्या, रामगढ़वा में 102/05 अपहरण व हत्या, 89/03 हत्या, 81/03 आर्म्स एक्ट सहित अन्य थानों में कई मामले दर्ज हैं.
छापेमारी में तुरकौलिया थानाध्यक्ष रणधीर कुमार, एससीएसटी थाना के प्रभारी दिनेश कुमार, मुफस्सिल थानाध्यक्ष कुमार वैभव, पीपराकोठी के दारोगा याकूब अली व तुरकौलिया के दारोगा मनोज कशामिल थे
55 हजार रुपये एडवांस
कलिमुल्ला ने ढाई लाख में हत्या का सौदा किया़ उसने हत्या की साजिश रचने वाले चारों भाइयों से 55 हजार रुपये एडवांस लेकर रामगढ़वा के पिपरपाती गांव के अंजय यादव को दिया़ अंजय ने उस पैसे को सुगौली के छपरा बहास गांव के मो जावेद तक पहुंचा़ जावेद ने अपने शार्गिदों के साथ मिलकर अशर्फी और जुमन की हत्या कर दी़
हत्या करने पहुंचे थे सात लोग
28 मई की रात करीब दस बजे अमरूल्लाह, सफिउल्लाह, ऐनुल्लाह, मजबुल्लाह के साथ अंजय का भाई दिनेश यादव व एक अन्य मार्शल गाड़ी से खगनी पिपल चौक के पास पहुंच़े
उनके साथ बाइक से जावेद व पश्चिमी चंपारण का संजय महतो चल रहा था़ बाइक से जावेद व संजय अशर्फी के दामाद के घर पहुंच़े वहां से अशर्फी व जुमन को बुला कर ले गये, जहां सभी ने मिलकर दोनों की हत्या कर दी़
शराब में डाली नशे की गोली
हत्यारों ने अशर्फी व जुमन को शराब में नशे की गोली मिला कर पिलायी़ बेहोश होने के बाद रॉड से सिर पर प्रहार कर दोनों को मौत के घाट उतार दिया़ घटना में प्रयुक्त मार्शल गाड़ी अंजय यादव की है़ मार्शल की ड्राइविंग अंजय का सगा भाई दिनेश यादव कर रहा था़ घटना को अंजाम देने के बाद मार्शल व बाइक से हत्यारे फरार हो गये थ़े
