मोतिहारी : करिमुल्लाह, जुमन व जावेद मिल कर मवेशी तस्करी का कारोबार करते थे, लेकिन चंद पैसों की लालच में दोनों ने दोस्ती के रिश्ते का गला घोंट दिया़ खगनी गांव से जुमन व अशर्फी को बुलाने जावेद ही गया था़
जुमन विश्वास में आकर उसके साथ चला गया़ करिमुल्लाह के संबंध में बताया जाता है कि रामगढ़वा के अधकपड़िया गांव में वर्चस्व को लेकर 2 जुलाई 2003 को हुए गैंगवार का मुख्य आरोपित है़ उसके साथ अब्दुल गद्दी की टकराहट चल रही थी़ दोनों गुटों के बीच गोलीबारी में अब्दुल गद्दी सहित फुलशरीफ गद्दी व कलिमुल्लाह के तरह से शेख मुस्तफा, शेख फरजन व नजाबुल मारे गये थ़े
इसको लेकर रामगढ़वा थाना में कांड संख्या 89/03 दर्ज है़ कलिमुल्लाह आइटीआइ का छात्र रहा है़ उसने पटना फुलवारी शरीफ से 2003 में आइटीआइ उत्तीर्ण हुआ़ उसके बाद गांव चला आया़ यहां आने के बाद वर्चस्व की लड़ाई में गोलीबारी की, जिसमें दोनों गुट से पांच लोग मारे गये थ़े
