पीपराकोठी/कल्याणपुर : कल्याणपुर जिला पार्षद संगीता देवी के पुत्र दीपक कुमार की सड़क दुर्घटना से हुई मौत से पूरा माहौल गमगीन हो गया है़ सबसे बुरा हाल उसकी नवविवाहिता चांदनी और माता संगीता का है़
दीपक की शादी गत एक जून को हरसिद्घि थाना क्षेत्र के मानिकपुर मिश्रौलिया निवासी संजय प्रसाद की पुत्री चांदनी के साथ हुई थी और तीन जून को प्रीति भोज का आयोजन हुआ था़ लेकिन, चांदनी के हाथ की मेहंदी के रंग फीके भी नहीं हो पाये थे, तब तक उसे ऐसा दुखद दिन देखने को मिल गया़ शादी के बाद चार जून को परीक्षा देने के लिए वह अपने मायके चली गई और अभी वह अपने मायके में ही थी कि उसे शनिवार को अहले सुबह उसके पति के मौत की सूचना मिली़
कैसे कटेगी जिंदगी
पति के मौत की सूचना मिलते ही चांदनी का रोते-रोते हाल बेहाल हो गया है़ वह बार-बार बेहोश हो जाती. लोग उसे होश में लाने की कोशिश करत़े होश में आने के कुछ पल बाद ही वह फिर से बेहोश हो जाती़
नाते-रिश्तेदारों को कहना था कि अब चांदनी की बाकी जिंदगी कैसे कटेगी. यहीं हाल दीपक की मां संगीता का भी थी़ उसके भी जुबान पर यही शब्द थे कि हमर लाल केकर का बिगड़ले रहल ह जेकरा के भगवान हमनी से छिन लेहलन
नेक दिल था दीपक
शव जैसे ही दीपक के पैतृक गांव मंगलापुर पहुंचा की नाते-रिश्तेदारों व ग्रामीणों आने का तांता लग गया़ सब लोगों की जुबान पर बस दीपक की तारीफ ही थी़ ग्रामीण दीनानाथ साह, झूलन साह, बांके बिहारी दास, प्रभु साह, अनिल कुमार सहित कई लोग दीपक को एक सुलझा हुआ इनसान बता रहे थे. सब नम आंखों से बस यही कह रहे थे कि दीपक बहुत ही नेक इनसान था़ सबके साथ उसका मैत्री संबंध था़
नहीं खुले थे पंडाल
शादी को अभी एक सप्ताह भी पूरे नहीं हो पाये थे कि दीपक की मौत हो गयी. बड़ी धूम-धाम के साथ पिता ने अपने बड़े लड़के दीपक की शादी की थी़ व्यवस्था को लेकर भी क्षेत्र में चर्चा का विषय भी था़ टेंट वालों ने पंडाल को हटाया भी नहीं था.
पिता ने दी पुत्र को मुखाग्नि
पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव मृतक के गांव पहुंचा की परिजनों में कोहराम मच गया़ अंतिम दर्शन के लिए लोग उमड़ पडे मृतक का दाह संस्कार पैतृक गांव मंगलापुर में किया गया़ हजारों की तादाद में लोग शव को लेकर गांव के ही श्मशान घाट गये. जहां पर मृतक के पिता पूर्व मुखिया रामलाल प्रसाद ने अपने पुत्र दीपक को मुखागिA दी़ घटना की सूचना पर पूर्व विधायक मो ओबैदुल्लाह ने पहुंच परिजनों को ढांढ़स बंधाया.
गौरतलब हो कि दीपक के तीन भाई व एक बहन है. दीपक भाइयों में सबसे बड़ा था, जबकि उससे बड़ी उसकी बहन है, जिसकी शादी तीन वर्ष पूर्व हुई थीं
बंद रही दुकानें
दीपक की मौत के बाद कल्याणपुर बाजार की अधिकांश दुकान बंद रही़ मृतक का बाजार में अवतार मार्केट था़ मार्केट के अलावा अन्य दुकानदार भी अपनी-अपनी दुकान को बंद कर दिये. दुकानों को बंद कर दुकानदार मृतक के दाह संस्कार में भाग लिय़े
