मोतिहारी : पहली जून को बतरौलिया में हुई घटना को पकड़ीदयाल सिसहनी ग्रामवासी भूल नहीं पायेंग़े जिस दरवाजे से सोमवार की शाम सात बजे गीत व बैंड-बाजा के साथ धर्मेद्र पासवान की बरात निकली़ बरात निकलने के महज 20 मिनट बाद ही मंगलगीत की जगह क्रंदन व चीत्कार सुनायी देने लगा़ बरातियों की गाडी सिसहनी से महज 10 किलोमीटर दूरी तय की थी कि बतरौलिया के पास ट्रक व बराती जीप की हुई टक्कर ने सारे परिस्थिति को बदल दिया़ सज-धज कर बरात के लिए निकले बरातियों में से दो की मौत हो गयी, जबकि 11 घायल हो गय़े
बरातियों का सारा उत्साह मातम में बदल गया़ बरात को विदा कर घर पहुंची महिलाओं को घटना की ज्यों ही सूचना मिली, चीखना-चिल्लाना शुरू हो गया़ बरात नहीं जानेवाले ग्रामीण धर्मेद्र के दरवाजे पर जमा होने लग़े
दूल्हा धर्मेद्र के चाचा उदय नारायण पासवान की मौत की खबर सुनते ही जश्न का माहौल दुख में बदल गया़ इधर सज-धज कर शादी करने निकले धर्मेद्र ने भी घटना को देख शादी का ख्याल दिल से निकाल कर घायलों के इलाज में जुट गय़े इस घटना से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है़ धर्मेद्र के घर ढांढ़स बंधाने वाले लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे थ़े
