72 घंटे के अंदर माफी मांगें विधायक

नाराजगी . चिकित्सकों का विधायक पर अपशब्द कहने का आरोप मोतिहारी : सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने भाजपा के नगर व हरसिद्घि विधायक के खिलाफ मोरचा खोल दिया है़ उनका आरोप है कि मंगलवार की शाम दोनों विधायकों ने सदर अस्पताल पहुंच कर सिविल सजर्न व ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों को अपशब्द कहते हुए अपमानित […]

नाराजगी . चिकित्सकों का विधायक पर अपशब्द कहने का आरोप
मोतिहारी : सदर अस्पताल के चिकित्सकों ने भाजपा के नगर व हरसिद्घि विधायक के खिलाफ मोरचा खोल दिया है़ उनका आरोप है कि मंगलवार की शाम दोनों विधायकों ने सदर अस्पताल पहुंच कर सिविल सजर्न व ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों को अपशब्द कहते हुए अपमानित किया़
विधायक की कार्यशैली से नाराज चिकित्सक संघ ने बुधवार को सदर अस्पताल में बैठक की़
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि दोनों विधायक 72 घंटे के अंदर चिकित्सकों से माफी मांग़े उनके द्वारा माफी नहीं मांगने पर जिले के सभी चिकित्सक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जायेंग़े चिकित्सक संघ ने इसकी प्रतिलिपि स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव, जिलाधिकारी सहित सिविल सजर्न को सौंप दिया है़
चिकित्सकों ने बताया कि मंगलवार की शाम करीब छह बजे नगर विधायक प्रमोद कुमार व हरसिद्धि विधायक कृष्णनंदन पासवान सदर अस्पताल पहुंच़े उनके द्वारा भूकंप में घायल लोगों का इलाज छोड़ मृतकों के शव का पोस्टमार्टम करने का दबाव बनाया जाने लगा़ उस समय प्रभारी डीएम भरत दूबे व एसपी सुनील कुमार भी मौजूद थ़े उनके सामने ही दोनों विधायकों ने सिविल सजर्न सहित सभी चिकित्सकों को गाली देना शुरू कर दिया़ चिकित्सकों ने यह भी आरोप लगाया है कि आये दिन कई जनप्रतिनिधि सदर अस्पताल में पहुंच कर चिकित्सकों के साथ अभद्र व्यवहार व जबदरस्ती पोस्टमार्टम रिपोर्ट बदलने का दबाव देते हैं
बैठक में सिविल सजर्न मीरा वर्मा, अस्पताल अधीक्षक मनोज कुमार गुप्ता, डा एसएन सिंह, डा निर्भय कुमार सिंह, डा प्रदीप कुमार, डा मनोज कुमार सिंह, डा मनोज कुमार मिश्र, डा अवधेश कुमार, डा रवि रंजन कुमार सहित अन्य चिकित्सक मौजूद थ़े
कहते हैं विधायक
नगर विधायक प्रमोद कुमार ने र्दुव्‍यवहार के आरोप को सिरे से खारिज किया़ कहा कि आपदा की स्थिति में सिविल सजर्न, अधीक्षक व चिकित्सक सदर अस्पताल से अनुपस्थित थे, जबकि भूकंप के तुरंत बाद जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक अस्पताल पहुंच गय़े पोस्टमार्टम रूम में तीन घंटे से शव पड़ा हुआ था़ जब सिविल सजर्न व अधीक्षक पहुंचे तो हमने कहा कि अगर ड्यूटी नहीं करनी है तो वीआरएस लेकर घर जाएं. इस शब्द को तोड़-मरोड़ कर आरोप लगाया जा रहा है़

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