मोतीझील के बचाव को नगर परिषद संकल्पित
मोतीझील की सफाई अभियान 10 मई से सुबह गायत्री मंदिर घाट से शुरू होगी. नगर परिषद के मुख्य पार्षद प्रकाश अस्थाना ने इस अभियान में आम नागरिकों से सहभागी बनने की अपील की है एवं लोगों से कूड़ा-कचरा झील में नहीं डालने का आग्रह किया.
मोतिहारी : शहर की हृदय स्थली मोतीझील संरक्षण को संकल्पित नप सभापति प्रकाश अस्थाना ने झील बचाव अभियान की गति को तेज कर दिया है.
उन्होंने बताया कि झील की सफाई के लिए अब जन-सहयोग अभियान चलेगा. जिसमें नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों की भी सेवा ली जायेगी. झील के किनारे की सफाई का यह अभियान 10 मई की सुबह गायत्री मंदिर घाट के पास से शुरू होगी. और पूरे झील के किनारे की सफाई तक अभियान जारी रहेगा.
उन्होंने शहर के स्वयंसेवी संस्थाओं व जिम्मेवार नागरिकों से झील सफाई अभियान में सहयोग कर सहभागी बनने का अपील किया है. कहा है कि झील बचाव अभियान की पहली कड़ी में झील से सटे वार्ड के मोहल्ले में डोर-टू-डोर जाकर लोगों से झील में कूड़ा-कचरा नहीं डालने की अपील करते हुए जागरूक करने का काम किया है. दूसरी कड़ी में सफाई अभियान चलाने की पहल की गयी है.
मुख्य पार्षद श्री अस्थाना ने कहा कि चंपारण सत्याग्रह के शताब्दी वर्ष 2016 तक नगर को स्वच्छ एवं सुंदर बानने की योजना है. जिसको लेकर इस दिशा में सार्थक पहल भी हुए है.
वही मोतीझील संरक्षण एवं सौंदयीकरण के लिए लगातार प्रयास जारी है. जिसके फलस्वरूप मोतीझील का चयन राष्ट्रीय झील संरक्षण योजना के तहत हुआ. झील की साफ -सफाई और संरक्षण को लेकर केंद्र सरकार के निर्देशानुसार प्राधिकार का गठन राज्य सरकार को करना था, लंबे इंतजार के बाद प्राधिकार का गठन तो हो गया, लेकिन झील का विकास केंद्र और राज्य सरकार के आपसी पेच के करण अटका हुआ है. जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है.
